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जंग में अमेरिका की मदद पर मेलोनी का यू-टर्न, इटली की PM क्या बोलीं जो ईरान ने घेर लिया

Iran vs Georgia Meloni: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी मिलिट्री को 'लॉजिस्टिकल और टेक्निकल' ऑपरेशन चलाने में मदद करने की बात कही थी.

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ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (बाएं) ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (दाएं). (ITG)

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  • ईरान ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के उस बयान पर विरोध जताया जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका की मदद करने से इनकार किया पर लॉजिस्टिकल ऑपरेशन की अनुमति दी।
  • यह विवाद NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे के बयान से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने बताया कि इटली ने अमेरिकी विमानों को अपने एयरबेस उपयोग की इजाजत दी, जिससे ईरान और इटली के बीच मतभेद बढ़े।
  • इस विवाद के बाद इटली के विदेश मंत्री और ईरानी विदेश मंत्री के बीच बातचीत हुई और प्रधानमंत्री मेलोनी ने इसे केवल एक गलतफहमी बताया, जिससे तनाव कम करने की कोशिश हुई।

ईरान ने अमेरिका के साथ जंग में इटली की ‘इनडायरेक्ट’ एंट्री पर कड़ी नाराजगी जताई है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक्स पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के उस बयान को ‘विरोधाभासी और गलत दलील’ वाला बताया, जिसमें मेलोनी ने ईरान के साथ जंग में अमेरिका की ‘मदद’ न करने का दावा किया था.

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रविवार, 28 जून को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक्स पर एक खबर को पोस्ट किया. इसमें कतर के न्यूज चैनल अल जजीरा की एक रिपोर्ट का फोटो है. उन्होंने लिखा, 

‘यह साफ तौर पर उलट और गलत दलील है, जिसका मकसद ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की गैर-कानूनी आक्रामक जंग को मुमकिन बनाने और उसमें मदद करने की अपनी जिम्मेदारी से बचना है. एक तरफ हमलावरों को किसी भी तरह की मदद या सहायता देने से सार्वजनिक रूप से इनकार करना और दूसरी तरफ खुलेआम उस ‘तकनीकी और लॉजिस्टिकल’ मदद को कबूल करना, जिसने इस गैर-कानूनी जंग को मुमकिन बनाया.’

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Iran
ईरानी विदेशी प्रवक्ता का पोस्ट.

इस्माइल बकाई ने अपने पोस्ट में आगे लिखा,

‘हमलावरों को 'तकनीकी और लॉजिस्टिकल' मदद देना (अमेरिका-इजरायल की) अपनी मर्जी से शुरू की गई गैर-कानूनी जंग में सीधे तौर पर योगदान देने के बराबर है. यह साफ तौर पर आक्रामकता का काम है और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है.’

ईरानी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इटली की पीएम जॉर्जियो मेलोनी दावा कर रही हैं कि उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की मदद करने से मना किया था. दूसरी तरफ, मेलोनी ने यह भी माना है कि उन्होंने अमेरिका को इटली के एयरबेसों पर 'लॉजिस्टिकल और टेक्निकल ऑपरेशन' करने की भी इजाजत दी थी. 

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अब समझते हैं कि ये ईरान और इटली के बीच इस नए ‘विवाद’ की शुरुआत कहां से हुई. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, NATO (North Atlantic Treaty Organisation) के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे ने अमेरिकी न्यूज चैनल FOX के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान-अमेरिका जंग में इटली ने करीब 500 अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस बेस इस्तेमाल करने की इजाजत देकर इस जंग में अहम भूमिका निभाई थी.

मेलोनी की आलोचना हुई

NATO सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे के इस बयान के बाद इटली की विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की आलोचना शुरू कर दी. मेलोनी पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार उस दावे से पलट गई, जिसमें कहा गया था कि वो इस जंग से दूर रही थी.

NATO सेक्रेटरी जनरल के बयान और विपक्षी पार्टी के आलोचनाओं के बाद प्रधानमंत्री मेलोनी का भी बयान आया. उन्होंने मार्क रुटे के इस बयान पर नाराजगी जताई. मेलोनी ने फ्रांस में ‘फ्रांस-इटली समिट’ के दौरान कहा कि मार्क रुटे की बातों से गलतफहमी पैदा हुई कि ईरान पर सीधे हमले में इटली की जमीन का इस्तेमाल किया गया था.

‘लॉजिस्टिकल-टेक्निकल ऑपरेशन की इजाजत’ 

इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने आगे कहा कि इटली ने अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों पर सिर्फ ‘लॉजिस्टिकल और टेक्निकल ऑपरेशन की ही इजाजत’ दी थी. उन्होंने इस बात को सीधे तौर पर सख्ती से खारिज कर दिया कि तेहरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन में इटली शामिल हुआ था.

पीएम मेलोनी ने अपने ‘बचाव’ में कहा कि अगर हम ईरान के साथ जंग में शामिल होते, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप जिस निराशा का बार-बार जिक्र करते हैं, उसका कोई मतलब नहीं होता. इस बहस के बाद NATO की प्रवक्ता एलिसन हार्ट का भी बयान आया. उन्होंने कहा कि मार्क रुटे भी द्विपक्षीय समझौते के तहत दी जाने वाली लॉजिस्टिकल और तकनीकी मदद की ही बात कर रहे थे, न की जंग में इटली के सीधे तौर पर शामिल होने की.

खबर ये भी है कि इस पूरे विवाद के बाद इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने भी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से इस मुद्दे पर बात की. प्रधानमंत्री मेलोनी के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों को ये बात समझ में आ गई कि यह सिर्फ एक ‘गलतफहमी’ थी. 

वीडियो: पीस डील के बाद ईरान-अमेरिका क्यों भिड़ गए?

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