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'RSS की तारीफ करनी है तो इस्तीफा दे दो...', IPS अधिकारी पर क्यों भड़क गए राज ठाकरे?

मनसे प्रमुख Raj Thackeray ने नागपुर पुलिस कमिश्नर Vishwas Nangare Patil की RSS की तारीफ करने पर आलोचना की. ठाकरे ने कहा कि वे पुलिस की नौकरी छोड़कर BJP या RSS में शामिल हो जाएं. Maharashtra Congress ने भी मामले की जांच की मांग की है.

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राज ठाकरे (बाएं) ने IPS अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल (दाएं) की कड़ी आलोचना की है. (फोटो: इंडिया टुडे/X)

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  • महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने नागपुर के पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सार्वजनिक प्रशंसा पर आलोचना की और कहा कि उनकी वफादारी केवल पुलिस फोर्स के प्रति होनी चाहिए।
  • यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब नांगरे पाटिल ने एक कार्यक्रम में आरएसएस की सराहना की और कांग्रेस ने उनके भाषण की जांच की मांग कर पुलिस सेवा नियमों के उल्लंघन का allegation उठाया।
  • इस मामले की जांच की मांग के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से जवाब मांगा है और संभावित कार्रवाई के लिए सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने नागपुर के नए पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल की कड़ी आलोचना की है. IPS अधिकारी ने एक कार्यक्रम के मंच से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तारीफ की थी. ठाकरे ने कहा कि उनकी वफादारी सिर्फ पुलिस फोर्स के प्रति होनी चाहिए. उन्होंने विश्वास नांगरे से पुलिस की नौकरी छोड़कर BJP या RSS में शामिल होने की भी बात कही.

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क्या है पूरा मामला?

27 जून को राज ठाकरे ने 'X' पर लिखा कि एक पुलिस अधिकारी होने के नाते IPS विश्वास नांगरे पाटिल की वफादारी पूरी तरह से और सिर्फ पुलिस फोर्स के कर्तव्यों के प्रति होनी चाहिए. लेकिन यहां वे RSS के प्रति अपनी वफादारी दिखाना चाहते हैं. उन्होंने आगे लिखा,

"अगर आपको संघ से लगाव है, तो उसे अपने तक ही सीमित रखें या अगर आप इसके बारे में सार्वजनिक तौर पर बोलना चाहते हैं, तो नौकरी से इस्तीफा दें और संघ या BJP (भारतीय जनता पार्टी) में शामिल हो जाएं."

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यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब कांग्रेस की महाराष्ट्र यूनिट ने IPS विश्वास नांगरे पाटिल के एक भाषण की जांच की मांग की. उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह 'सकल हिंदू समाज' के एक कार्यक्रम को संबोधित करते दिख रहे थे. यह दक्षिणपंथी संगठन महाराष्ट्र में कथित हेट स्पीच के लिए कई FIR का सामना कर रहा है. 

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कथित भाषण नागपुर पुलिस कमिश्नर के तौर पर उनकी नियुक्ति के बाद दिया गया था. लल्लनटॉप इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

ठाकरे ने और क्या कहा?

MNS प्रमुख ठाकरे ने कहा कि पूरे राज्य में हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं और भले ही इन्हें गैर-राजनीतिक बताया जाता है, लेकिन असल में ये राजनीतिक हैं. उन्होंने कहा कि असल मुद्दा यह है कि क्या सरकारी नौकरी में किसी व्यक्ति को, खासकर पुलिस अधिकारी को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होना चाहिए. ठाकरे ने कहा, 

“विश्वास नांगरे पाटिल ऐसी जगहों पर जा रहे हैं और RSS की तारीफ कर रहे हैं. क्या आप यह भूल गए हैं कि आप एक पुलिस अधिकारी हैं और एक अधिकारी से निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है?”

पुलिस अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा, "हम सभी को यही लगता था कि IPS विश्वास नांगरे पाटिल की वर्दी का खाकी रंग पुलिस फोर्स का है. हमें अब पता चला है कि यह रंग संघ की पूर्व खाकी वर्दी का है."

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कॉन्स्टेबल पर एक्शन लिया था, IPS पर कार्रवाई होगी?

राज ठाकरे ने ठाकरे ने मनसे का 2012 का एक विरोध मार्च याद दिलाया, जिसमें एक कॉन्स्टेबल ने उनके पास आकर पुलिस का साथ देने के लिए उन्हें बधाई दी थी. ठाकरे ने कहा कि उस समय, तत्कालीन सरकार ने निष्पक्षता ना बरतने के कारण उस कॉन्स्टेबल को जबरन छुट्टी पर भेज दिया था. मनसे प्रमुख ने सवाल किया कि क्या मौजूदा सरकार IPS विश्वास नांगरे पाटिल के मामले में भी वैसा ही रुख अपनाएगी?

कांग्रेस ने जांच की मांग की

महाराष्ट्र कांग्रेस ने IPS विश्वास नांगरे पाटिल के भाषण की जांच की मांग की है. पार्टी ने पुलिस कमिश्नर की निष्पक्षता और सर्विस नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा,

"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मंच पर विश्वास नांगरे पाटिल ने संघ, हिंदुत्व और डॉ. हेडगेवार की तारीफ की. यह भाषण देखने के बाद एक बुनियादी सवाल उठता है. क्या वह एक संवैधानिक अधिकारी के तौर पर बोल रहे थे या किसी खास विचारधारा के प्रतिनिधि के तौर पर?"

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कांग्रेस ने पूछा, 

“ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1968 के नियम 13(2)(f)(iii) के मुताबिक, किसी IPS अधिकारी को प्राइवेट मीडिया, वीडियो या ऐसे ही कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सरकार से पहले से मंजूरी लेनी होती है. क्या नांगरे पाटिल ने उस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र गृह विभाग या राज्य सरकार से पहले से मंजूरी ली थी? अगर हां तो किस नियम के तहत मंजूरी दी गई थी और क्या उसकी कॉपी सार्वजनिक की जाएगी? अगर कोई मंजूरी नहीं ली गई थी, तो क्या सरकार ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1968 के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करेगी?"

कांग्रेस ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ IPS विश्वास नांगरे पाटिल तक सीमित नहीं है. पार्टी ने कहा कि गृह मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस मामले और इससे जुड़े सवालों पर महाराष्ट्र को जवाब देना चाहिए.

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