ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस आरोप को पूरी तरह से ‘बेबुनियाद’ बताया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि तेहरान ने ओमान की खाड़ी में एक भारतीय जहाज पर हमला करने की कोशिश की. भारत में ईरानी दूतावास ने यह आरोप भी लगाया कि अमेरिका ने एक हफ्ते के अंदर तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों को मार डाला.
'अमेरिका ने ली 3 भारतीय नाविकों की जान,' ईरानी सेना पर आरोप मढ़ने पर ईरान ने ट्रंप को खूब सुनाया
Iran ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के आरोपों को झूठा बताया है. उसने आरोप लगाया कि अमेरिका ने तीन भारतीय जहाजों पर हमला कर तीन निर्दोष नाविकों को मार डाला.


13 जून को भारत स्थित ईरान के दूतावास ने ‘X’ पर लिखा,
"स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक भारतीय जहाज को लेकर ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. यह लोगों का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से भटकाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक हफ्ते से भी कम समय में 3 भारतीय जहाजों पर हमला किया और 3 बेगुनाह भारतीय नाविकों की जान ले ली. यह बहुत शर्मनाक है!"

शुक्रवार, 12 जून को डॉनल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखाथा,
"कल रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनके (ईरान के) ड्रोन हमले को पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया. यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं है. बेहतर होगा कि वे अपनी हरकतें सुधार लें."

डॉनल्ड ट्रंप के इन आरोपों को ईरान ने सिरे से नकार दिया. इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिका पर निशाना साधा. ‘X’ पर उन्होंने लिखा,
"भारतीय कमर्शियल जहाजों पर अमेरिका के बेरहम हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. ये हमले अमेरिका की हथियारबंद लूट और सरकारी समुद्री डकैती की जारी नीति का साफ सबूत हैं. हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों के साथ हमदर्दी जताते हैं."
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के गैर-कानूनी व्यवहार के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए.
अमेरिकी सेना ने किया था हमला
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर पर बताया था कि उसने 9 जून को ओमान के तट के पास MT सेट्टेबेलो नाम के जहाज को निशाना बनाया था. जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन लापता नाविकों की मौत की पुष्टि बाद में हुई.
अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान आने-जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी लागू करने के दौरान अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन न करने के आरोप में 'सेट्टेबेलो' को निशाना बनाया गया.
भारत ने जताया विरोधभारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार, 13 जून को बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की. इस दौरान उन्होंने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों पर भारत का विरोध जताया. ‘X’ पर एक पोस्ट में एस जयशंकर ने लिखा,
"आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की. मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों पर भारत की कड़ी आपत्ति दोहराई, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे. कमर्शियल जहाजों के खिलाफ ऐसी जानलेवा कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता."
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले पर आपत्ति जताई थी. एक सीनियर अमेरिकी डिप्लोमैट को भी तलब किया था.
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इस हफ्ते खाड़ी इलाके में भारतीय क्रू सदस्यों वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले हुए. इससे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. सरकार ने संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और भारतीय नौसेना, शिपिंग कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है.
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