झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर बीते 16 दिन से प्रोटेस्ट चल रहा है. आज 10 अगस्त को प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों ने विधानसभा मार्च निकाला. इन सबके बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इनमें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी शामिल हैं.
झारखंड प्रोटेस्ट में लाठी चार्ज, वाटर कैनन चलते ही नाचने लगे छात्र, तोड़ दिया आखिरी बैरिकेड
Jharkhand Student Protest: रांची में मार्च के दौरान पुराने विधानसभा भवन के पास प्रोटेस्ट करने वालों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद छात्र नए विधानसभा भवन की तरफ बढ़ गए. छात्रों पर पहले वाटर कैनन एक्शन हुआ और फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

छात्रों का मार्च सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ. छात्र नेता रविंद्र पासवान ने पहले ही कहा था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा. लेकिन मार्च के दौरान पुराने विधानसभा भवन के पास प्रोटेस्ट करने वालों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद छात्र नए विधानसभा भवन की तरफ बढ़ गए. छात्र प्रदर्नकारियों के सातवें और आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचते ही पुलिस ने उनपर वाटर कैनन एक्शन शुरू कर दिया. ऐसे में छात्र पानी में जमकर डांस करने लगे और कहने लगे- ‘और चलाओ, और चलाओ.’ इसके कुछ मिनट बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. अब झारखंड पुलिस ने छात्रों को विधानसभा परिसर से खदेड़ना शुरू कर दिया है.
देवेंद्र महतो भी प्रदर्शन में शामिलइसी बीच JPSC आंदोलन के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से विधानसभा की तरफ चले. मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देते बीजेपी नेता सरकारी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग कर रहे थे, जिन्हें डिटेन कर लिया गया. डिटेन किए गए बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर छात्रों के मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार लोगों को दूसरी तरफ ले जा रही है. बाबूलाल मरांडी ने JPSC, JSSC और CGL से जुड़े मामलों की CBI जांच की मांग दोहराई.
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प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है?JLKM विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा कि सरकार ने छात्रों की कई मांगें मान ली हैं और इसके लिए उन्होंने सरकार का धन्यवाद भी किया. लेकिन उन्होंने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को सबसे अहम बताया. जयराम महतो का आरोप है कि JSSC-CGL परीक्षा में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां हुई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक इस सबसे अहम मांग को स्वीकार नहीं किया है. ऐसे में छात्रों का आंदोलन जारी है.
छात्रों का विधानसभा मार्च ऐसे वक्त में हो रहा है, जब एक दिन पहले ही झारखंड सरकार ने तीन एग्ज़ाम को रद्द करने पर सहमति जताई थी. इनमें 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा भी शामिल है.
वीडियो: झारखंड विधानसभा में JPSC और JSSC पर क्या होगा? जयराम महतो ने बताया










