एक बात सोचिए. राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच सीजन का 8वां मैच हुआ और हैदराबाद किसकी वजह से मैच जीता? सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान के 199 रनों का टारगेट के जवाब में एक ओवर रहते ही 201 रन बना लिए. यानी किसी बल्लेबाज ने ही बड़ा रोल प्ले किया होगा. जी हां, डेविड वॉर्नर की सलामी 69 रनों की पारी की बदौलत हैदराबाद को शानदार स्टार्ट मिला. वॉर्नर ने सिर्फ 37 गेंदों पर 9 चौके और 2 छक्के मारकर 69 रनों की पारी खेली और बेरस्टो के साथ मिलकर 110 रनों की पार्टनरशिप की. बेरस्टो 45 रन बनाकर आउट हुए. फिर विजय शंकर ने 15 गेंदों पर 35 रन, युसुफ पठान ने 12 गेंदों पर 16 रन और आखिरी में राशिद खान ने 8 गेंदों पर 15 रन बनाकर जीत दिलाई. मगर हैरानी की बात ये कि इस मैच के लिए और किसी को नहीं बल्कि राशिद खान को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया. वो राशिद खान जिन्होंने 4 ओवरों में 24 रन देकर एक विकेट ली और 15 रन बनाए. ये भी तो होता रहा है कि हारी हुई टीम के किसी स्टार परफॉर्मर को प्लेयर ऑफ द मैच दिया जाए और यहां संजू सैमसन डिजर्विंग थे. संजू ने इस सीजन की पहली सेंचुरी मारी है. 55 गेंदों पर 102 रन मारे हैं.

कोई सोचे कि क्या सोचकर राशिद को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया. क्या राशिद की गेंदबाजी या बल्लेबाजी से हैदराबाद जीती? जवाब है-नहीं. वो इसलिए क्योंकि राजस्थान को हैदराबाद के गेंदबाज नहीं रोक पाए थे. 20 ओवरों में 198 रन टांग दिए थे राजस्थान ने. सिर्फ दो ही विकेट गिरे थे. फिर हैदराबाद की टीम के लिए वॉर्नर ने जो किया वो जीत के लिए सबसे जरूरी था. यानी तगड़ी शुरुआत. फिर विजयर शंकर ने 15 गेंदों पर 35 मारे जिससे हैदराबाद ने टारगेट की ओर लंबी छलांग लगाई. अगर प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड का कोई हकदार था- तो राशिद खान को छोड़कर वॉर्नर या विजय शंकर कोई भी. आईपीएल में कुछ चीजें बिना सोचे समझे ही होती हैं. और राशिद खान को मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड देना इसी का एक उदाहरण है. खैर, टीम जीत गई और इस सीजन अपनी पहली जीत हासिल की. वॉर्नर ने दोनों मैचों में बल्ला खूब चलाया है. वो इस वक्त दो पारियों में 154 रन बना चुके हैं. 77 के एवरेज से. दूसरे नंबर पर राजस्थान के संजू सैमसन हैं जो दो पारियों में 132 रन बना चुके हैं.
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