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क्रूज हादसा: मां-बेटे की तस्वीर देख सब रोए, अब पति ने क्रू पर गंभीर आरोप लगा दिए

Madhya Pradesh Cruise Accident: जबलपुर क्रूज हादसे में मारी गई एक महिला और उसके 4 साल के बेटे की भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई. अब महिला के पति प्रदीप कुमार ने दावा किया है कि क्रूज पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी. लाइफ जैकेट सभी के लिए उपलब्ध नहीं थीं. यात्रियों ने आपस में उन्हें बांटकर इस्तेमाल किया.

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बरगी बांध में क्रूज पलट गया था, जिससे यात्री पानी में गिर गए. (फोटो-इंडिया टुडे)

जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है. कुछ लोग अब भी लापता हैं. ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है. इस बीच घटना में जीवित बचे लोगों ने क्रू सदस्यों की लापरवाही और सुरक्षा नियमों में गंभीर कमियों का आरोप लगाया है. यात्रियों ने दावा किया कि उनके अनुरोध के बावजूद क्रू मेंबर्स जहाज को सुरक्षित जगह पर ‘नहीं’ ले गए.

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ये घटना 30 अप्रैल की शाम बरगी बांध पर हुई. राज्य पर्यटन विभाग के इस क्रूज में 30 लोग सवार थे, जो नर्मदा नदी के बैकवॉटर में पलट गया. बताया गया कि अचानक चली तेज हवाओं की वजह से क्रूज डगमगाने लगा जिससे ये हादसा हुआ. कहा जा रहा है कि मौसम विभाग की तरफ से मौसम बिगड़ने की चेतावनी पहले ही जारी कर दी गई थी.

दुर्घटना में मारी गई एक महिला और उसके 4 साल के बेटे की भावुक कर देने वाली तस्वीर भी सामने आई है. महिला के पति प्रदीप कुमार ने इंडिया टुडे के रवीश पाल को बताया कि क्रूज पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी. लाइफ जैकेट सभी के लिए उपलब्ध नहीं थीं. यात्रियों ने आपस में उन्हें बांटकर इस्तेमाल किया. 

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प्रदीप ने बताया,

“जहाज पर करीब 30 पैसेंजर थे. लेकिन क्रू के सदस्य केवल दो ही थे. और आपातकाल के समय उन दोनों में से किसी ने भी यात्रियों को ठीक से गाइड नहीं किया और न ही उनकी कोई मदद की. ”

प्रदीप कुमार ने बताया, 

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“जैसे ही क्रूज डैम के बीच में पहुंचा, हालात तेजी से बिगड़ने लगे. अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और पानी में जोरदार हलचल होने लगी. जैसे ही मैंने जैकेट पहनी, हादसा हो गया. महज 2-3 मिनट के अंदर ही सब कुछ तबाह हो गया. ”

उन्होंने आरोप लगाया कि क्रू मेंबर्स ने मुश्किल समय में अपनी जिम्मेदारी छोड़ दी. अन्य लोगों ने भी आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बाद भी ऑपरेटर ने कथित तौर पर उनकी बातों को नजरअंदाज किया. इसलिए क्रूज का संतुलन बिगड़ा और हादसा हो गया. और यात्री पानी में डूब गए.

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से कुछ लोगों को बचाया. अधिकारियों ने पुष्टि की कि 15 यात्रियों को बचाकर पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि लापता लोगों को ढूंढने के लिए तलाशी अभियान अभी भी जारी है.

मृतक के परिजनों को मुआवजा

मध्यप्रदेश के मंत्री राकेश सिंह ने पीड़ितों के परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. घटना पर PMOIndia की तरफ से पोस्ट कर दुख जताया गया है. साथ ही कहा गया कि PMNRF (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मसलन, अगर मौसम विभाग (IMD) ने तेज हवाओं की चेतावनी देते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया था, तो क्रूज को चलने की अनुमति क्यों और किसने दी? सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट क्यों नहीं पहनाई गई? घटना से ऐन पहले एक वीडियो में यात्री बिना जैकेट के दिखाई दे रहे हैं. ये साफ तौर पर सुरक्षा से खिलवाड़ है.

वीडियो: ‘लाइफ जैकेट नहीं…’ जबलपुर क्रूज़ लापरवाही की वजह से डूबी? सर्वाइवर ने बताई कहानी

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