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पाकिस्तान मीडिया को एयर स्ट्राइक वाली जगह ले गया लेकिन बोर्ड पर लिखा मिटाना भूल गया

साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा गया, लेकिन कई गलतियां भी कर गए

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बालाकोट में मीडिया विज़िट के दौरान पाकिस्तानी आर्मी ने सच छिपाने की पूरी कोशिश की.
26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक किया. खूब बवाल मचा. भारत ने पाकिस्तान के तीन आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए. मुज़फ्फराबाद, चकोटी और बालाकोट जिसमें से मुज़फ्फराबाद और चकोटी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पड़ता है जबकि बालाकोट पाकिस्तान के खैबर पख्तून प्रांत में है. हमले के बाद पाकिस्तान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि कोई हमला हुआ है. मीडिया ने कहा 'वो जगह तो दिखाइये'. लेकिन पाकिस्तान ने उन जगहों को घेराबंदी कर दी. यहां तक मीडिया के जाने पर भी रोक लगा दी.
हमले के 43 दिन बाद पाकिस्तान ने बालाकोट में मीडिया विजिट कराया
हमले के 43 दिन बाद पाकिस्तान ने बालाकोट में मीडिया विजिट कराया

अब इस मामले में 43 दिन बीत जाने के बाद 10 अप्रैल को पाकिस्तान की अंतर-आत्मा जाग गई. उन्होंने उन तीन जगहों में से बालाकोट में इंटरनेशनल मीडिया को विजिट कराया है. मीडिया के साथ विदेशी डिप्लोमैट्स भी मौजूद थे. इस मीडिया विज़िट के दौरान हर तरफ पाकिस्तानी आर्मी तैनात थी. मीडियाकर्मियों को किसी से बात भी नहीं करने दिया जा रहा था. जब मीडिया वालों ने स्थानीय लोगों से बात करने की कोशिश की. तो पाकिस्तानी आर्मी ने उन्हें मना कर दिया.
मीडिया विज़िट के दौरान पाकिस्तानी आर्मी लगातार मीडिया पर नज़र रखे हुई थी.
मीडिया विज़िट के दौरान पाकिस्तानी आर्मी लगातार मीडिया पर नज़र रखे हुई थी.

न्यूज एजेंसी IANS ने बीबीसी के हवाले से कहा है कि सभी लोगों को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया. हेलीकॉप्टर मनसेरा के पास एक इलाके में उतरा. इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक सभी लोगों ने पहाड़ी के रास्ते ट्रैवल किया. पाकिस्तानी आर्मी ने लोगों को तीन अलग-अलग जगहें दिखाई. पत्रकारों को ब्रीफ दिया गया कि भारतीय वायुसेना ने यहां पर पेलोड गिराए थे. उस जगह पर मीडिया को सिर्फ कुछ गड्ढे और कुछ जड़ से उखड़े पेड़ दिखाए दिए.
पाकिस्तान आर्मी के स्पोक्स पर्सन ने कहा- अस्थिर हालात की वजह से मीडिया विज़िट नहीं करवाया.
पाकिस्तान आर्मी के स्पोक्स पर्सन ने कहा- अस्थिर हालात की वजह से मीडिया विज़िट नहीं करवाया.

पत्रकारों ने बताया कि जिन जगहों को पाकिस्तानी आर्मी ने दिखाया वो इंसानी आबादी से बिल्कुल डिफरेंट थी. वहां घर भी एक दूसरे से काफी दूर बसाए गए थे. मीडियाकर्मियों ने जब अधिकारियों से सवाल किया कि इन जगहों को दिखाने में इतनी देर क्यों हुई. जिस पर पाकिस्तान के अधिकारी ने कहा ‘अस्थिर हालात की वजह से लोगों को यहां तक लाना सही नहीं था.’
इस मीडिया विज़िट के दौरान विदेशी मीडिया के साथ विदेशी डिप्लोमैट्स भी मौजूद थे.
इस मीडिया विज़िट के दौरान विदेशी मीडिया के साथ विदेशी डिप्लोमैट्स भी मौजूद थे.

मीडिया विज़िट के दौरान जिस मदरसे को दिखाया गया वहां पर कुछ बच्चे पहले से पढाई कर रहे. वहां बोर्ड पर आतंकी युसुफ अज़हर का नाम लिखा था. पत्रकारों ने पाकिस्तानी सेना के स्पोक्सपर्सन जनरल आसिफ गफूर से जब इस मार्फत सवाल पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बोर्ड पर इस बात की भी जानकारी लिखी थी कि बालाकोट का मदरसा 27 फरवरी से 14 मार्च तक बंद रहा. इस मसले पर जब सवाल पूछा गया तब एक टीचर ने जवाब दिया कि इमरजेंसी वजहों से मदरसा को बंद किया गया.
बालाकोट के मदरसे में कुछ स्थानीय बच्चे पढाई कर रहे थे.
बालाकोट के मदरसे में कुछ स्थानीय बच्चे पढाई कर रहे थे.

अब इस मीडिया विज़िट के पीछ पाकिस्तान का एक ही मकसद था, दुनिया को ये बताना कि जिस जगह पर भारत ने एयर स्ट्राइक की. जहां उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को तबाह करने का दावा किया, वहां पर मदरसा है और वहां कुछ नहीं हुआ है. वैसे, पाकिस्तान लाख दावे करें लेकिन किसी भी जगह को पहले की तरह ठीक करने के लिए 43 दिन बहुत होते हैं.


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