
एस्टन टर्नर ने 43 गेंदों पर 84 रन कूट दिए. 6 छक्के और 5 चौके.
सबसे पहले बात उस बंदे की जिसने मैच ऑस्ट्रेलिया की तरफ टर्न कर दिया. नाम है एस्टन टर्नर. मार्कस स्टोइनिस की जगह इस मैच में जगह मिली थी. छठे नंबर पर बैटिंग करने आया और ताबड़तोड़ 43 गेंदो में नाबाद 84 रन बना गया. शुरुआत 45वें ओवर से. ऑस्ट्रेलिया को 36 गेंदों में 62 रन चाहिए थे. भुवनेश्वर के इस ओवर में दो छक्के और एक चौके समेत 20 रन पड़ गए. एस्टन टर्नर ने 32 गेंदों में 50 पूरे कर लिए. यहीं से इंडिया के हाथ से मैच फिसल गया. अगला ओवर बुमराह का था और ऑस्ट्रेलिया जीत के एक दम करीब. टर्नर और एलेक्स कैरी के बीच 28 गेंदों में 50 रनों की पार्टनरशिप हो गई. बुमराह के ओवर में 16 रन पड़ गए. आस्किंग रेट 6 से भी नीचे आ गया. भुवनेश्वर के हाथ में फिर गेंद थी. टर्नर ने हवा में शॉट खेला, केदार जाधव ने कैच छोड़ दिया. स्टेडियम में क्राउड मैदान छोड़ जाने लगा था. अगली ही गेंद को टर्नर ने फिर छक्के के लिए भेज दिया. इससे अगली गेंद पर धवन ने टर्नर का एक लड्डू कैच टपका दिया. इस खिलाड़ी ने 40 गेंद में 80 बना दिए. फिर चौका. आखिरी तीन ओवरों में सिर्फ 8 रन चाहिए थे. आगे क्या हुआ, ये बताकर टाइम वेस्ट नहीं करते.
इंडिया के 358 रनों का टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही थी. कप्तान एरॉन फिंच को भुवनेश्वर कुमार ने पहले ओवर की चौथी गेंद पर ही बोल्ड मारा. फिंच सीरीज में दूसरी बार अंडा बनाकर लौट गए. हैदराबाद में भी जीरो पर आउट हुए थे. बीते एक साल मे ये चौथा मौका है जब भुवनेश्वर ने फिंच को आउट किया है. उधर शॉन मार्श को चौथे ओवर में बुमराह ने बोल्ड कर दिया. यहां लगा कि ऑस्ट्रेलिया इस बड़े स्कोर के भार में दब जाएगा. मगर यहां एक बार फिर उस्मान ख्वाजा सामने खड़े हो गए. ख्वाजा और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वही किया जो इंडिया के लिए रोहित और धवन करके गए थे. दोनों ऑस्ट्रेलिया के स्कोर को 12/2 से 204 तक ले गए. यानी दोनों में 192 रनों की पार्टनरशिप हुई. ख्वाजा ने 91 रन बनाए और फिर हैंड्सकॉम्ब भी 117 रनों की पारी खेल गए.

ख्वाजा और हैंडकॉम्ब भी अपना काम कर गए थे.
ये बात सही है कि इंडिया को सेकंड इंनिंग्स में बॉलिंग करने में दिक्कत हुई क्योंकि मैदान पर काफी ओस थी. चहल के 10 ओवरों में 80 रन पड़े, भुवनेश्वर ने 9 ओवरों में 67, बुमराह ने इतने ही ओवरों में 63, कुलदीप ने 10 ओवरों में 64 और जाधव ने 5 ओवरों में 44 रन लुटाए. दूसरा विकेट के पीछे ऋषभ पंत की विकेटकीपिंग देखकर लगा कि धोनी के हाथ में ही दस्ताने होने चाहिए, क्राउड धोनी धोनी के नारे भी लगाता दिखा. पंत ने हैंड्सकॉम्ब की एक आसान स्टंपिंग मिस की तो जाधव और धवन ने आसान कैच टपकाए.
इससे पहले इंडिया की पारी में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंडिया के ओपनरों शिखर धवन और रोहित शर्मा ने भी खूब रन बनाए. किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बॉलर की इनके सामने नहीं चली. दोनों 31वें ओवर तक खूंटा गाड़ कर डटे रहे. धवन ने अपने 50 रन सिर्फ 41 गेंद में पूरे किए जिसमें 9 चौके शामिल थे. रोहित शर्मा और शिखर दोनों अपने अपने शतकों की ओर जा रहे थे कि रोहित 95 रन बनाकर आउट हो गए. रोहित ने 92 गेंदें लीं और 7 चौके और दो छक्के लगाए. अब इंडिया के लिए रोहित शर्मा वनडे में सबसे ज्यादा 217 छक्के मारने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. वहीं शतकीय साझेदारी बनाने के मामले में रोहित और धवन की जोड़ी के लिए ये 15वां मौका रहा. इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 21 बार तेंडुलकर और गांगुली ने ये काम किया है. वहीं दूसरे नंबर पर इस मामले में गिलक्रिस्ट और हेडन 16 साझेदारियों के साथ हैं. रोहित और धवन तीसरे नंबर पर हैं.

शिखर धवन मुश्किल से फॉर्म में लौटे मगर क्या फायदा.
मगर यहां इंडिया के लिए खास दोनों की पार्टनरशिप के साथ साथ धवन का फॉर्म में लौटना भी रहा. धवन ने 115 गेंदों में 143 रनों की पारी खेली. ये धवन का 16वां वनडे शतक था. 18 चौके और तीन छक्के मारे. धवन ने अपना आखिरी शतक 23 सितंबर 2018 को दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में मारा था. तब 100 गेंद में 114 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी. मगर तब से धवन का बल्ला चल नहीं रहा था. इस सीरीज के पहले तीन मैचों में धवन ने 0, 21 और 1 रनों की पारियां खेलीं थी. यानी तीन मैचों में कुल 22 रन. न्यूजीलैंड दौरे पर भी धवन ने 6,13 और 28 रनों की पारियां आखिरी तीन मैचों में खेलीं थी. बातें उठने लगीं थी कि क्या शिखर धवन की ये फॉर्म उन्हें इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप तक ले जाएंगी. मगर इस शतक के साथ इस खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि अभी बल्ले में भरपूर दम है.
रोहित और धवन गए. कोहली भी आते ही आउट हो गए. केएल राहुल ने 26 रन बनाए. मगर यहां ऋषभ पंत के ताबड़तोड़ 24 गेंद में 36 और विजय शंकर के 15 गेंदों में 26 बहुत काम आए. पंत ने अपने ही अंदाज में चार चौके और एक छक्का जड़ा. शंकर के बल्ले से भी एक चौका और 2 छक्के निकले. इंडिया ने आखिर में जल्दी विकेट खोए मगर आखिरी 5 ओवरों में 40 रन भी मार दिए. और आखिरी गेंद खेलने आए जसप्रीत बुमराह के उस छक्के का जिक्र न हो तो सब बेकार है. पैट कमिंस पारी 50वें ओवर की आखिरी गेंद फेंक रहे थे सामने बुमराह ने जो बल्ला घुमाया तो गेंद बाउंड्री पार जाकर गिरी. ये देखकर ड्रेसिंग रूम विराट कोहली अपनी जगह पर उछल पड़े. ये बुमराह का इंडिया के लिए पहला छक्का था. इंडिया ने 9 विकेट खोकर 358 रन स्कोर बोर्ड पर टिका दिए थे.
अब इस सीरीज का फाइनल दिल्ली में होना है. कोहली का होम ग्राउंड. उम्मीद कीजिए कि टीम इंडिया वो गलतियां न दोहराए जो रांची और मोहाली में हुई हैं.






















