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साउथ-ईस्ट एशिया में एयर प्यूरिफायर खरीदने की होड़ क्यों लगी? 600 फीसदी बिक्री बढ़ गई

दक्षिण-पूर्व एशिया में जंगलों की आग से उठ रहे धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है. इंडोनेशिया समेत प्रभावित इलाकों में एयर प्यूरिफायर और ऑक्सीजन से जुड़े उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ी है.

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हवा में बढ़े प्रदूषण ने पूरे साउथ-ईस्ट एशिया को अपनी जद में ले लिया है. (फोटो- AFP)

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  • इंडोनेशिया में जंगलों में लगी आग के चलते जहरीले धुएं के प्रभाव से एयर प्यूरिफायर और ऑक्सीजन सिलेंडरों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 600 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • मांग में यह अचानक वृद्धि वायु प्रदूषण और जंगलों की आग से उत्पन्न धुएं के कारण हुई है, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं।
  • इस परिस्थिति को देखते हुए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की फिल्टर लाइफ घट गई है और स्कूल बंद करने जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।

इंडोनेशिया में अचानक से हवा साफ करने वाले डिवाइस (Air Purifier) की मांग बढ़ गई है. ऑक्सीजन सिलेंडर बनाने वाली कंपनियां डिमांड में आई तेजी से मुकाबला करने के लिए फुल कैपेसिटी से काम कर रही हैं. ऑक्सीजन सिलेंडर और एयर प्यूरिफायर की मांग की तो हालत ये है कि 14 दिन में पिछले साल के मुकाबले इन यंत्रों की बिक्री में 600 फीसदी का उछाल आया है.

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लेकिन इन सबके पीछे सिर्फ दुनिया में बढ़ते वायु प्रदूषण की भूमिका नहीं है. इंडोनेशिया के जंगलों में लगी आग से जहरीले धुएं उठ रहे हैं. हवा में ऐसा जहर घुला है कि एक्सपर्ट डरने लगे हैं कि नई पीढ़ी के बच्चे-बच्चियों में जीवन भर के लिए सांस वाली बीमारी अपना घर न बना ले. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई महीनों से फैले जंगली आग के इस धुएं ने साउथ-ईस्ट एशिया के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले रखा है. इसके चलते स्कूल बंद करने पड़े हैं. अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों की शिकायतें भी बढ़ी हैं. 

एयर प्यूरिफायर खरीदने दौड़े लोग

ऐसे में लोग अपने घरों अंदर की हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरिफायर जैसी डिवाइस खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं. रिपोर्ट में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी AA Alive के हवाले से बताया गया कि यहां एयर प्यूरिफायर के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलेंडरों की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है. डिमांड और सप्लाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी के कर्मचारी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. कंपनी की सेल्स टीम की सदस्य रफीना फिरदौस ने बताया कि जंगल में लगी आग के धुएं की वजह से सिलेंडरों की बिक्री में 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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कंसंट्रेटर की लाइफ आधी बची

एए अलाइव कंपनी मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी देती है. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एक ऐसा उपकरण है, जो आसपास की हवा से ऑक्सीजन को अलग करके मरीज को ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन देता है. ऑक्सीजन सिलेंडर लगातार इस्तेमाल करने पर करीब तीन घंटे तक चलता है. लेकिन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का इस्तेमाल लगभग 24 घंटे तक किया जा सकता है. कंपनी में टेक्नीशियन के तौर पर काम करने वाले मुबास्सर खान ने बताया कि आग के धुएं में मौजूद प्रदूषक तत्वों की वजह से कंसंट्रेटर भी जल्दी जवाब दे रहे हैं. आमतौर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का फिल्टर एक हजार घंटे इस्तेमाल करने के बाद बदला जाता है लेकिन अभी फिल्टर की लाइफ आधी रह गई है.

एयर प्यूरिफायर बेचने वाली कंपनियों ने बताया कि 28 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच प्यूरिफायर की बिक्री पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 600 फीसदी बढ़ी है. 

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हवा से बीमारी बढ़ने का खतरा

एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि धुएं में मौजूद पल्यूशन फैलाने वाले कणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से शरीर में सूजन हो सकती है. एक एक्सपर्ट ने तो ये तक कह दिया कि ये प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए ऐसा खतरा है कि इसका असर शरीर के कई अंगों पर पड़ सकता है. मलेशिया की एक यूनिवर्सिटी में पर्यावरण विभाग की एक्सपर्ट प्रोफेसर जुलियाना जलालुद्दीन ने चिंता जताई है कि अगर आने वाली पीढ़ियां बार-बार धुएं और वायु प्रदूषण के संपर्क में आती रहीं तो उनमें सांस से जुड़ी बीमारियों का बोझ बढ़ सकता है. खासकर बचपन में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है.

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इंडोनेशिया में आग का संकट

बतादें कि इंडोनेशिया महीनों से जंगलों में लगी आग से संकट से जूझ रहा है. इस आग का धुआं अब पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में लेने लगा है. आग की वजह से लाखों लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. पड़ोसी देशों में भी घना कोहरा फैल गया है, जिसके चलते मलेशिया और पूर्वी तिमोर में स्कूल बंद करने पड़े हैं.

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