कंपनी ने इस पहल को लेकर अपने बयान में 'आखिरी आहुति' को इंसानियत को मजबूत करने वाली पहल बताया है. और कहा, 'नॉर्थ-ईस्ट के रहने वालों लोगों की दिल्ली में मौत की कई घटनाएं सामने आती हैं, जहां उनके परिवार वालों की गैर-मौजूदगी में दिल्ली में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाता है. गरीबी की वजह से उनके परिवार वाले शव लेने नहीं आ पाते हैं."

दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट के स्टूडेंट्स
'आखिरी आहुति' की शुरुआत गुरुवार को की गई है. कंपनी की ओर से इस बात का भी जिक्र है कि "दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-ईस्ट यूनिट के सिफारिश पर इंडिगो शव को उसके घर पहुंचा देगा." कंपनी की तरफ से किए गए रिलीज के मुताबिक नॉर्थ-ईस्टर्न स्टेट्स के 12 लाख से ज्यादा लोग दिल्ली में रहते हैं."इंडिगो ने सबसे पहले नॉर्थ-ईस्ट के लिए 2004 में अपनी सेवा शुरू कर थीं. और अभी उसकी दिल्ली से नॉर्थ-ईस्ट के पांच शहरों के लिए फ्लाइट हैं. इन शहरों में अगरतल्ला, गुवाहाटी और डिब्रुगढ़, चाबवा (नागालैंड) और इंफाल शामिल हैं.
इसपर दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर रॉबिन हिबू ने बताया, "दिल्ली से नॉर्थईस्ट तक शव को जहाज से ले जाना काफी महंगा पड़ता है. नॉर्थ-ईस्ट के गरीब लोगों के लिए ये स्कीम राहत देने वाली है."












