जरा सोचिए, बस सोचिए ही. जेठ की दुपहरी में आपको अचानक 300 किमी की यात्रा करनी है. ट्रेन से ही आपको जाना है, लेकिन रिजर्वेशन नहीं मिला. अब सिर्फ एक ही रास्ता बचा- जनरल डिब्बे में सफर करने का. भाग-दौड़कर जब आप जनरल के डिब्बे के पास पहुंचे तो जो सीन देखा रूह कांप गई. देखते ही पसीने छूट गए, इतनी गर्मी में इस गचागच भरे डिब्बे में आखिर कैसे सफर होगा? लेकिन मजबूरी थी और इसलिए आपने हिलते-डुलते, धक्का खाते किसी तरह उस डिब्बे में जगह बना ली. सफर किया और फिर आप जैसे ही अपने स्टेशन पर उतरे, एक ठंडी, गहरी, लंबी सांस ली. मन ही मन दुआ मांगी, दोबारा ऐसा ना करना पड़े.
जनरल के धक्के मत खाइए, रेलवे की इस नई डिवाइस से चलती ट्रेन में मिलेगा रिजर्वेशन!
ऐसी डिवाइस जो ट्रेन में खाली सीट की जानकारी देगी, तुरंत बुक होगा ऑनलाइन टिकट!


आपकी ये दुआ भारतीय रेलवे ने सुन ली है. और उसने कोशिश की है कि आपको आखिरी वक्त में भी रिजर्वेशन मिल जाए. रेलवे ने एक ऐसा नया सिस्टम शुरू किया है, जिससे आपको आखिरी टाइम में भी स्लीपर या एसी वाले कोच में सीट मिल सकती है.
आजतक से जुड़े वरुण सिन्हा के मुताबिक रेलवे ने एक ‘हैंड हेल्ड टर्मिनल’ यानी 'एचएचटी' डिवाइस बनाई है. ये डिवाइस सीधे रेलवे के सर्वर से कनेक्ट रहती है. इससे चलती ट्रेन में ये पता किया जा सकता है कि ट्रेन के स्लीपर और एसी वाले डिब्बे में कोई सीट खाली है या नहीं. और अगर ट्रेन के किसी कोच में किसी यात्री ने टिकट को आखिरी समय कैंसिल किया है तो वो खाली सीट ऑनलाइन आपको तुरंत अलॉट हो जाएगी.
इस सब की एक प्रोसेस है, उसे आपको फॉलो करना होगा. सबसे पहले आपको ट्रेन के टीटीई के पास जाना होगा. जो अपने पास मौजूद एचएचटी डिवाइस में देखकर आपको ये बताएगा कि कौन से कोच में सीट खाली है. हालांकि, टीटीई को अभी ये अधिकार नहीं दिए गए हैं कि वो आपके लिए खुद ये सीट बुक कर दे. लेकिन, खाली सीट पता चलते ही यात्री तुरंत उस सीट को ऑनलाइन बुक कर सकता है.
आजतक के मुताबिक अब तक रेलवे की तरफ से करीब 42,300 डिवाइस अलग-अलग जोनल में टीटीई को दी गई हैं. पश्चिम रेलवे, दक्षिण रेलवे, दक्षिण-पूर्व रेलवे और दक्षिण-मध्य रेलवे से जुड़े ज्यादातर टीटीई के पास यात्रियों को ये डिवाइस दिख जाएगी. रेलवे की मानें तो इन जोन्स के यात्री इस नई सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. रेलवे के मुताबिक सेंट्रल रेलवे और नॉर्थन रेलवे के सभी टीटीई को भी जल्द ही ये डिवाइस दे दी जाएगी.
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