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सोमाली समुद्री डाकुओं ने ईरानी जहाज हाइजैक किया, भारतीय युद्धपोत पहुंचा और डाकुओं को भगा दिया

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ने सोमाली समुद्री डाकुओं के कब्ज़े से एक ईरानी जहाज बचा लिया है. अरब सागर में कोच्चि से 700 समुद्री मील पश्चिम में ये अभियान हुआ. पढ़िए पूरी कहानी...

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भारतीय रक्षा अधिकारियों ने दी सूचना. (फोटो क्रेडिट - भारतीय नौसेना)

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  • भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ने अरब सागर में सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा हाइजैक किए गए ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज एमवी ईमान और उसके 17 चालक सदस्यों को बचाया।
  • ईरानी जहाज एमवी ईमान को सोमाली समुद्री डाकुओं ने हाइजैक कर लिया था, जिसके बाद खतरे का अलार्म बजने पर आईएनएस सुमित्रा ने उसे इंटरसेप्ट कर बंधकों को मुक्त कराया।
  • एमवी ईमान को मुक्त कराने के बाद भारतीय नौसेना ने जहाज की जांच के बाद इसे आगे की यात्रा के लिए छोड़ दिया, जिससे समुद्री डाकू रोकने में तटीय सुरक्षा बढ़ी।

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ( INS Sumitra) ने सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा लूटे गए मछुआरों को बचा लिया है. अरब सागर में कोच्चि से 700 समुद्री मील पश्चिम में ये अभियान चल रहा था. भारतीय रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज एमवी ईमान (MV Iman) को सोमाली समुद्री डाकुओं ने हाइजैक कर लिया था.  इस MV Iman जहाज में लगभग 17 चालक सदस्य थे.

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आजतक से जुड़े मंजीत नेगी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही ईरानी फिशिंग वेसल ईमान से खतरे का अलार्म बजा, अरब सागर के पास अदन की खाड़ी में तैनात आईएनएस सुमित्रा ने तुरंत रिस्पॉन्ड किया. MV Iman को इंटरसेप्ट किया और सारे एसओपी का पालन करते हुए बंधकों और जहाज को मुक्त कराया. पूरे जहाज की जांच पड़ताल के बाद नौसैनिकों ने MV Iman को आगे की यात्रा के लिए छोड़ दिया.

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समुद्री लुटेरों ने ईरान के मछली पकड़ने वाले इस जहाज MV Iman को हाइजैक कर लिया था. समुद्री लुटेरे भारतीय युद्धपोत देखते ही भाग गए. 

आजतक के अनुसार INS Sumitra भारतीय नौसेना के सरयू क्लास पेट्रोल वेसल का युद्धपोत है. इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया था. ये जहाज 2014 से भारतीय नौसेना की सेवा कर रहा है. ये भारत के राष्ट्रपति का प्रेसिडेंशियल याट है, इसका भार 2200 टन है. ये युद्धपोत समुद्र में अधिकतम 46 किलोमीटर प्रति घंटे की हिसाब से चल सकता है. आठ अधिकारी और 108 नौसैनिक इसमें तैनात हो सकते हैं.

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