अब ख़बर तफ़सील से. 26 फ़रवरी की अल सुबह भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले का 'बदला' लेने की खातिर बालाकोट पर बम गिराए थे. बाद में पाकिस्तानी जहाज भारतीय एयर स्पेस में घुसे. उन्हें खदेड़ने के लिए विंग कमांडर अभिनंदन निकले और उनका मिग-21 विमान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गिर गया. अभिनंदन तीन रोज़ पाकिस्तान में रहे लेकिन फिर पाकिस्तान ने उन्हें भारत को सौंप दिया. बहुत कुछ हुआ लेकिन इस पूरे दौरान एक सवाल बना रहा. जब भारत ने पाकिस्तान पर बम गिराए तो वो बम किस पर गिरे और कौन हताहत हुआ? पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता आसिफ़ गफ़ूर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बताया था कि इंडिया ने जो बम गिराए, वो पेड़-पौधों पर गिरे और कोई भी हलाक़ नहीं हुआ. अगले दिन जियो टीवी पर एक संवाददाता उसी जगह से रिपोर्टिंग करने का दावा कर रहा था और दिखा रहा था कि जिस जगह बम गिरे हैं, मात्र एक कौव्वा मारा गया था.
6 मार्च को रॉयटर्स ने दावा किया कि भारत ने बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के जिस मदरसे पर हमला किया, वो अब भी सलामत खड़ा है.
इस बाबत उसने सबूत भी मुहैया कराये. रॉयटर्स ने 4 मार्च को सैटेलाइट से खींची गई हाई रेज़ोल्यूशन तस्वीरें दिखाईं और कहा कि मदरसे की छत, दीवार या उसके आसपास की किसी चीज पर भी हवाई अटैक का कोई बड़ा या साफ निशान नज़र नहीं आता. रॉयटर्स ने लिखा है कि उन्होंने इस बारे में भारत के विदेश और रक्षा मंत्रालय को ईमेल करके सवाल भी किया. ताकि उनका स्टैंड पूछा जा सके. मगर भारत की तरफ से अभी तक कोई जवाब दिया नहीं गया है.

रॉयटर्स का कहना है कि ये जो इमारत दिख रही है, वो जैश-ए-मुहम्मद का वही मदरसा है जिसके ऊपर अटैक करने की बात कही है भारत ने.
इस रिपोर्ट के पब्लिक होने के बाद सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने लिखा कि भारतीय वायुसेना ने मोदी सरकार को 80% बम टार्गेट्स पर गिरने की सूचना दी है. ये बताया गया कि वायुसेना ने एक डॉक्यूमेंट दिया है जिसके 12 पन्नों में हाई रेज़ोल्यूशन तस्वीरें हैं जो कि ये दिखाती हैं कि मदरसे की छत पर बम की चोटों के निशान हैं. तकनीकी एंगल से देखा जाए तो इंडियन एयर फ़ोर्स के मिराज 2000 विमानों ने इज़राइल में बने स्पाइस 2000 बम गिराए गए थे. ये बम छतों को छेदकर नीचे गए और फिर फटे. इसलिए ऊपर से ली गई तस्वीरों के दम पर ये कहना कि कोई डैमेज नहीं हुआ है, ग़लत होगा.























