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भारतीय जहाजों पर ईरान की गोलीबारी से दिल्ली 'खफा', विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत से क्या कहा?

Iran Attack on Indian Ships: विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में Iran के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहअली को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया. विदेश सचिव Vikram Misri ने ईरान के राजदूत से मुलाकात की. बैठक में क्या बातचीत हुई?

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विदेश सचिव विक्रम मिस्री (बाएं) ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली (दाएं) से मुलाकात की. (ITG)

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पार कर रहे दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहअली को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से मुलाकात की. बैठक के दौरान, विदेश सचिव ने इस घटना को लेकर भारत की तरफ से गंभीर आपत्ति जताई.

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विदेश मंत्रालय ने 18 अप्रैल को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. बयान में कहा गया,

“विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत मर्चेंट शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा को बहुत अहमियत देता है. उन्होंने याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत जाने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता बनाने में मदद की थी.”

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विक्रम मिस्री ने व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर चिंता जताई. बयान में आगे कहा गया, 

"विदेश सचिव ने (ईरानी) राजदूत से अपील की कि वे भारत के विचार को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाएं और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से भारत आने वाले जहाजों को रास्ता दिलाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें."

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‘भारत के साथ हमारे रिश्ते मजबूत’

भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भारत-ईरान संबंधों की मजबूती पर जोर दिया और क्षेत्र में शांति की अपील की. इलाही ने कहा, 

“ईरान और भारत के बीच का रिश्ता 5,000 साल के इतिहास से जुड़ा है. ईरानी लोग भारत से संस्कृति, सभ्यता, शिक्षा, मानवता और दर्शन के साथ जुड़े हैं. हमारा रिश्ता बहुत मजबूत है और आगे भी मजबूत होता रहेगा. ईरान और भारत के बीच के संबंध बहुत मज़बूत हैं. जिस घटना का आपने ज़िक्र किया है, उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है, लेकिन हमें उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा और इस मामले का कोई न कोई हल निकल आएगा."

शनिवार, 18 अप्रैल को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने की कोशिश कर रहे 2 भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाजों पर गोलीबारी हुई. इनमें एक बड़ा सुपरटैंकर भी शामिल था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नेवी की तरफ से फायरिंग की खबर मिलने के बाद इन जहाजों को बीच रास्ते से ही वापस मुड़ना पड़ा. यह जानकारी शिपिंग मॉनिटर TankerTrackers ने दी.

ये भी पढ़ें: होर्मुज पार कर रहे भारतीय जहाज पर गोली चला रहा ईरान, दिल्ली में राजदूत तलब हो गए

TankerTrackers के मुताबिक, कई जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा, जिनमें भारत का झंडा लगा एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर भी शामिल था. यह लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल ले जा रहा था. ऑडियो इंटरसेप्ट्स से पता चला कि जब जहाजों को पश्चिम की ओर मोड़ा जा रहा था, तब IRGC की गनबोट्स ने गोलीबारी की.

वीडियो: ईरान की नेवी ने होर्मुज के पास भारतीय जहाज पर गोली क्यों चलाई?

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