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भारत से सीधा व्यापार बंद, फिर भी 3 महीने में पाकिस्तान पहुंचा 587 करोड़ का सामान

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार बंद है. इसके बावजूद, पाकिस्तान का भारत से आयात 69 फीसदी बढ़ा है. इसे लेकर विशेषज्ञों को किस पर शक है? दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते 2019 से लगातार बिगड़े हैं.

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व्यापार बंद फिर भी पाकिस्तान में इंडियन सामान पहुंच रहा. (Courtesy- ITG) - AI Enhanced

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  • 2019 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने वाघा-अटारी सीमा पर पाकिस्तान के साथ सीधा व्यापार बंद कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच औपचारिक व्यापारिक संपर्क में कमी आई है।
  • भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे व्यापार बंद होने के बावजूद, पाकिस्तान अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत से 61.74 मिलियन डॉलर के सामान का आयात करता रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 69% अधिक है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, भारत से पाकिस्तान को सामान तीसरे देशों जैसे UAE और सिंगापुर के माध्यम से अनौपचारिक रूप से भेजा जाता है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियाँ असाधारण तरीके से जारी हैं।

पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार बंद है. इसके बावजूद पाकिस्तान में भारतीय सामान की मांग बनी हुई है. पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान पाकिस्तान ने भारत से 61.74 मिलियन डॉलर (587 करोड़ रुपये) का सामान इंपोर्ट किया. ये रकम पिछले साल की इसी पीरियड के मुकाबले 69 फीसदी ज्यादा है. पिछले साल इसी दौरान पाकिस्तान ने 36.55 मिलियन डॉलर (347 करोड़ रुपये) का सामान आयात किया था. हालांकि, इस दौरान पाकिस्तान ने भारत को कोई सामान नहीं बेचा. 

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तीसरे देशों के रास्ते पहुंच रहा सामान?

जियोपॉलिटिकल मामलों के जानकार रविंदर सिंह रॉबिन ने डॉन की खबर को सोशल मीडिया पर शेयर कर के कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि अगर सीधा व्यापार बंद है, तो ये सामान किस रास्ते से पहुंच रहा है और इसके मूल देश का रिकॉर्ड कैसे दर्ज किया जा रहा है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट में एक्सपर्ट के हवाले से लिखा गया है कि भारतीय सामान तीसरे देशों के रास्ते पाकिस्तान पहुंच सकता है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं.

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, भारत से पाकिस्तान को होने वाला अनौपचारिक निर्यात सालाना 10 अरब डॉलर तक हो सकता है. इसके लिए दुबई, कोलंबो और सिंगापुर जैसे शहरों का इस्तेमाल सामान भेजने के रास्ते के तौर पर किया जाता है.

GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने लिंक्डइन पर इसे ‘ग्रे-जोन रणनीति’ बताया. उनके मुताबिक, भारतीय सामान पहले इन देशों में भेजा जाता है. फिर उसे ट्रांजिट हब के गोदामों में रखा जाता है. वहां दस्तावेजों और लेबल में बदलाव करके सामान को किसी दूसरे देश के नाम से पाकिस्तान भेजा जा सकता है. हालांकि, ये विशेषज्ञों के बताए संभावित तरीके हैं. 

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कौन-कौन सा सामान जाता है पाकिस्तान?

भारत से पाकिस्तान जाने वाले सामान में दवाइयां और दवाइयां बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल प्रमुख है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 तक भारत का पाकिस्तान को दवाइयों का निर्यात 208 मिलियन डॉलर (करीब 2000 करोड़ रुपये) था. रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा प्लास्टिक, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, रंग, ऑर्गेनिक केमिकल, रबर, कॉफी, चाय, सब्जियां, मसाले, डेयरी प्रोडक्ट और अनाज भी प्रमुख सामानों में शामिल हैं. 

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कब बिगड़े व्यापारिक रिश्ते?

भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्ते 2019 के पुलवामा हमले के बाद से लगातार खराब हुए. 1996 में भारत ने पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्जा दिया था. लेकिन 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने यह दर्जा वापस ले लिया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 से 2024 के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार काफी कम हो गया. पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान में भी भारी कमी आई. 2019 में पाकिस्तान ने भारत को करीब 548 मिलियन डॉलर (करीब 5300 करोड़ रुपये) का सामान बेचा था. 2024 में यह घटकर सिर्फ 4.8 लाख डॉलर (4.56 करोड़ रुपये) रह गया. पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान में कांच के बर्तन, तांबा, गंधक, फल और मेवे शामिल थे. 

अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के बीच भारत ने पाकिस्तान को करीब 448 मिलियन डॉलर (4260 करोड़ रुपये) का सामान बेचा. वहीं, पाकिस्तान ने भारत को सिर्फ 4.2 लाख डॉलर (4 करोड़ रुपये) का सामान बेचा. फिर 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने वाघा-अटारी सीमा बंद कर दी और पाकिस्तान से आने वाले या वहां निर्यात होने वाले सामान के सीधे और इनडायरेक्ट इंपोर्ट और ट्रांजिट पर रोक लगा दी. पाकिस्तान ने भी 4 मई को तीसरे देशों के रास्ते होने वाले व्यापार समेत भारत के साथ सभी व्यापारिक एक्टिविटी पर रोक लगाने का ऐलान किया.

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