भारत का पाकिस्तान और चीन के साथ तनाव एक बड़ी वजह है. इसी वजह से नई दिल्ली को सैन्य खर्च बढ़ाने पड़े हैं.मिलिटरी खर्च में पांच देशों का कुल हिस्सा 62 फीसदी चीन और भारत के अलावा, जापान (47.6 बिलियन डॉलर) और दक्षिण कोरिया (43.9 बिलियन डॉलर) एशिया में सबसे ज्यादा सैन्य खर्च करने वाले देश रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में ग्लोबल मिलिटरी खर्च 1,917 बिलियन डॉलर का रहा. 2018 के मुकाबले 3.6 फीसदी ज्यादा. यह बढ़ोतरी दर 2010 के बाद सबसे अधिक है. अमेरिका, चीन, भारत, रूस के बाद सऊदी अरब पांचवें स्थान पर है. दुनियाभर में सैनिक साजो-सामान पर कुल खर्च में इन देशों का हिस्सा करीब 62 फीसदी है. भविष्य में कोरोना वायरस का असर पड़ेगा? रिपोर्ट के मुताबिक़, कोरोना वायरस से इकॉनमी को हुए नुकसान के कारण यह खर्च अगले कुछ साल तक कम हो सकता है. रिसर्चर टियान बताते हैं कि दुनिया शायद ग्लोबल मंदी की ओर जा रही है. मिलिटरी खर्च को स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की ओर मोड़ा जा सकता है. 2008 की मंदी के बाद देशों की मिलिटरी खर्च में कमी आई थी. अब अगले तीन साल तक इसमें कटौती देखने को मिल सकती है. लेकिन आगे इसमें फिर तेजी आएगी.
विडियो- यमन युद्ध में साथ लड़ रहे सऊदी अरब और UAE में फूट की आशंका?














