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इनकम टैक्स की 50 टीमें, 200 कर्मचारी, 31 ठिकानों पर रेड; जानिए क्या हाथ लगा?

राजस्थान का सबसे बड़ा IT छापा!

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जयपुर का गोकुल कृपा ग्रुप, जहां IT की रेड पड़ी है. (फाइल फोटो)
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक सर्राफा व्यापारी और दो रियल एस्टेट डेवलपर के यहां आयकर विभाग के छापे पड़े. छापों से करीब 1400 करोड़ रुपए की दो नंबर कमाई का पता चला है. इनकम टैक्स की टीम ने इन तीनों के कुल 31 ठिकानों पर छापेमारी की. इंडिया टुडे की ख़बर के मुताबिक IT की कुल 50 टीमें और करीब 200 कर्मचारियों ने मिलकर ये छापा मारा. कार्रवाई करीब 5 दिन तक चली. टीमें लगातार इन ठिकानों पर कागज़-पत्तर, पैसे-कौड़ी का हिसाब खंगालती रही. तब जाकर 21 जनवरी को छापे की कार्रवाई पूरी हो सकी. इसे राजस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा आयकर छापा माना जा रहा है. आयकर विभाग को सर्राफा व्यापारी के यहां एक सुरंग भी मिली है, जिसमें करीब 700 करोड़ की जायदाद की जानकारी है. जिन तीन कारोबारी समूहों के ठिकानों पर छापे मारे गए, उनके नाम हैं - सिल्वर आर्टग्रुप, चोरडिया ग्रुप और गोकुल कृपा ग्रुप. तहखाने में मूर्तियां, पत्थर छापेमारी के दौरान एक तहखाने का भी पता चला. इसमें तमाम कीमती सामान मिले. एक आकलन के मुताबिक इन सामानों की कीमत करीब 700 करोड़ रुपए है. इन कीमती सामानों में मूर्तियां,पत्थर, कालीन और ऐसे ही अन्य सामान हैं. जयपुर पुलिस इनके बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि कीमत का अनुमान लगाया जा सके. इनकम टैक्स के मुताबिक इन कारोबारी समूहों के दफ्तरों से जो कागज़ात ज़ब्त हुए हैं, उनमें करीब 200 करोड़ के ट्रांजैक्शंस की पर्चियां भी हैं. इनकी जांच की जा रही है. सभी CCTV फुटेज भी ज़ब्त कर लिए गए हैं. इनकम टैक्स की टीम इन छापों से मिली चीजों को खंगाल रही है, जिसके आधार पर सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा कि रेड कितनी बड़ी है. देश की सबसे बड़ी रेड! देश की सबसे बड़ी रेड की बात करें तो हमें करीब 40 साल पीछे जाना पड़ेगा. 1981 का साल. कानपुर शहर. इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के मुताबिक 16 जुलाई, 1981 को कानपुर के मशहूर बिज़नेसमैन और कांग्रेस के पूर्व विधायक सरदार इंदर सिंह के घर रेड पड़ी थी. इस काम के लिए डिपार्टमेंट के 90 अफसरों को चुना गया था. पहले दिन की छापेमारी खत्म होने तक एक करोड़ रुपए बरामद हो चुके थे. ये रकम नकद, सोने के बिस्कुट और गहनों को मिलाकर थी. ये छापेमारी सिर्फ विधायक जी के तमाम घरों पर एक साथ पड़ रही थीं. इतनी बड़ी रेड थी इसलिए अफसरों की सुरक्षा के लिए 200 पुलिसवालों को भी लगाया गया था. इंदर सिंह के साथ उनके घरवालों पर भी छापे पड़ने शुरू हो गए. ये छापेमारी एक महीने से भी ज़्यादा तक चलती रही. माल-असबाब इतना ज़्यादा था कि तब इसे गिनने में 18 घंटे लगे थे. गिनती के बाद ये रकम 1 करोड़ 60 लाख हुई थी. तकरीबन डेढ़ लाख रुपए के नोट खराब हो गए थे इसलिए उन्हें गिनती से बाहर रखा गया था. ये इनकम टैक्स की अब तक की सबसे लंबी रेड मानी जाती है.

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