निषाद समुदाय के नेता संजय निषाद के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या.
2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव होने हैं. चुनाव को लेकर हर पार्टी, दूसरी पार्टी से मजबूत दिखना चाहती है. इसी कड़ी में निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने भी अपनी बात रखी है. आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका समाज चाहता है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें उपमुख्यमंत्री का चेहरा बना दे. उन्होंने कहा ये हमारी नहीं बल्कि हमारे समाज की मांग है. उन्होंने कहा,
2022 में मोदी और योगी जी के नेतृत्व में दोबारा यूपी में सरकार बने. कम संख्या वाले को अगर आप मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर जीत सकते हैं तो हम 18 प्रतिशत हैं. 7 नदियां हैं, सैकड़ों झील हैं, गांव पोखरे हैं, इतना वोट है कि उसने 2019 में आपको पावर दिया. इतने वोट बैंक का सहारा लेना, हमारे समाज की सलाह थी कि भारतीय जनता पार्टी मेरे को उपमुख्यमंत्री चेहरा दे दे तो जल्दी से आसानी से जीत सकते हैं.
उनका कहना है कि जब वह प्रवास पर थे तो उस वक्त निषाद समाज के लोगों ने उनसे कहा कि बीजेपी सरकार को आप सलाह दीजिए कि अगर 2022 में वह आपके चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे तो जीत होगी. हम लोग आपको उप मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं.
2019 लोकसभा में BJP को 40 सीटों पर जीत दिलवाई संजय निषाद ने कहा है कि हम 2019 लोकसभा में BJP के साथ आए थे. हमने BJP से हमारे आरक्षण के मसलों को हल करने को कहा था. हमने पीएम मोदी का साथ देकर BJP को 40 सीटों पर जीत दिलवाई थी. उस वक्त सपा-बसपा एक थी, लेकिन हमने फिर भी BJP को जिताया. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का यह ट्वीट देखिए.
करीब 200 सीटों पर हमारा दबदबा उन्होंने आगे कहा,
'हमारे पास 160 विधानसभा सीटें निषाद बहुल वाली हैं. 70 सीटों पर हमारे 75 हजार से अधिक वोटर्स हैं. हम बीजेपी से कुछ मांग नहीं रहे हैं. BJP ने हमसे कहा था कि आपको कांग्रेस ने और अन्य पिछली पार्टियों ने छला है. ऐसे में आप हमारे साथ आएं, हम आपको पावर देंगे. पिछली सरकार में आप लोगों पर जो मुकदमा हुआ है, उसे वापस करेंगे और आप के कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करेंगे.'
पंचायत चुनाव में नुकसान का कारण क्या? संजय ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इसलिए नुकसान हुआ, क्योंकि हमारा समाज नाराज है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनने से पहले वादा किया था कि हम आएंगे तो आपको आरक्षण देंगे, लेकिन नहीं दिया. हमारा नाम पिछली सरकारों ने पिछड़ी जाति में डाल दिया, जबकि हम अनुसूचित जाति में आते हैं और इसके लिए राष्ट्रपति ने नोटिफिकेशन भी जारी किया हुआ है, लेकिन उसकी फाइल गायब है. सपा, बसपा और कांग्रेस ने हमें आरक्षण नहीं दिया और मौजूदा वक्त में बीजेपी भी यही कर रही है.
बीजेपी अध्यक्ष नड्डा से क्या बात हुई? संजय निषाद ने आजतक से बातचीत में बताया है कि हमने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. जेपी नड्डा से हमने कहा है कि हमारा समाज गदगद कि आप राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, लेकिन अभी तक हमारे समाज के लिए किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं. गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि 2022 में मांगे पूरी की जाएंगी. संजय ने आगे बताया है कि मैं तो हमेशा बीजेपी के साथ रहूंगा, लेकिन हमारा समाज अब बीजेपी से दूरी बना रहा है, जिसका नतीजा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दिखा है. हमारी कोई मांग नहीं है. बस इतना कहना है कि बीजेपी ने जो वादा किया था वह उसे पूरा कर दे. हम लोग मांगने वाले लोग नहीं हैं. हमने तो राम जी को नाव पर बैठाकर नदी पार करवाई थी और कोई पैसा नहीं लिया था और युद्ध में निषाद राज ने सेना देकर उनका सहयोग भी किया था उसके बदले में कुछ नहीं मांगा था.
बीजेपी से वादा पूरा करने की मांग संजय ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी ने कैबिनेट में दर्जा देने की बात कही थी, लेकिन नहीं दिया. इसी का कारण है कि आज 20 हजार करोड़ रुपये मत्स्य मंत्रालय में लोग खा गए. इसमें से 10 रुपये भी निषादों को नहीं मिले. उन्होंने आगे बताया कि आज वह कैबिनेट में होते तो उन अधिकारियों को सजा देने का काम करते जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं.
लाश तक जलाने में दिक्कत हुई संजय निषाद ने बताया है कि निषाद राज के किले पर हजारे लाशें जलती हैं, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि राम जी को यहां से स्वर्ग मिला था. लेकिन अधिकारियों ने लकड़ी बंद कर दी. तो उनके परिजन लाश लेकर कहां जाते? इधर-उधर फेंक दिया. लेकिन वह अधिकारी आज भी घूम रहे हैं. उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई. हमारी बीजेपी से मांग है कि ऐसे अधिकारियों पर कारवाई की जाए.