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हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश के चलते 71 लोगों की मौत, CM ने किसे ठहराया तबाही का जिम्मेदार?

कई इलाकों में हालात इतने बुरे हैं कि रेस्क्यू टीम का वहां पहुंचना संभव नहीं है. ऐसी जगहों पर लोगों को एयरलिफ्ट कर रेस्क्यू किया जा रहा है.

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हिमाचल प्रदेश में हजारों करोड़ का नुकसान. (फोटो- PTI)

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की चपेट में आए इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अभी तक अलग-अलग जगहों से शव निकाले जा रहे हैं. मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है. 13 लोग लापता हैं. लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए आर्मी और एयर फोर्स की मदद भी ली जा रही है.

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कई इलाकों में हालात इतने बुरे हैं कि रेस्क्यू टीम का वहां पहुंचना संभव नहीं है. ऐसी जगहों पर लोगों को एयरलिफ्ट कर रेस्क्यू किया जा रहा है. पश्चिमी वायु कमान के हेलीकॉप्टरों ने दो दिनों में 50 से ज्यादा उड़ानें भरीं और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 780 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया. 

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फतेहपुर सब डिवीजन में चल रहे राहत और बचाव अभियान पर कांगड़ा के डिप्टी कमीशनर निपुण जिंदल ने बताया,

15 अगस्त को 800 लोगों को बचाया गया. NDRF, सेना और एयर फोर्स की मदद से बचाव कार्य चल रहा है. बचाए गए लोगों के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं. राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं.

इस तबाही के लिए CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खराब स्ट्रक्चर और अंधाधुंध निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है. CM ने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से अब तक 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. उन्होंने कहा कि राज्य के बुनियादी ढांचे को फिर से विकसित करने में एक साल का समय लगेगा. उनका कहना है कि भविष्य के लिए सख्त निर्माण नियम बनाए जाएंगे.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिमला जिले के समर हिल, फागली और कृष्णा नगर में लैंडस्लाइड के चलते कई घर ढह गए हैं. तबाही से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं. NDRF, सेना, लोकल पुलिस, होम गार्ड और SDRF की टीमें साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. वहीं मंडी जिले में दो जगहों पर बादल फटे हैं. शिमला, सोलन और कांगड़ा में भी एक-एक जगह बादल फटने की बात सामने आ रही है. भारी बारिश ने सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों में सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. 

शिक्षा विभाग ने ताजा नोटिस में बताया कि राज्य के सारे स्कूल-कॉलेज 17 अगस्त को भी बंद रहेंगे. मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक राज्य में बारिश का अनुमान जताया है. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: हिमाचल में बाढ़-भूस्खलन से मची तबाही का जिम्मेदार कौन?

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