भारतीय सेना (Indian Army) को अपना अगला और नया मुखिया मिल गया है. नाम है, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lt Gen Dhiraj Seth). भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख यानी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त किया है. लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ फिलहाल सेना के वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर तैनात हैं. रक्षा मंत्रालय ने 13 जून को उनकी नियुक्ति की घोषणा की है.
बैटलफील्ड के साथ मॉडर्नाइजेशन के महारथी, कौन हैं भारत के नए आर्मी चीफ Lt जनरल धीरज सेठ?
करीब 40 साल के अपने सैन्य सफर में Lt Gen Dhiraj Seth ने Indian Army में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. उन्होंने जमीनी अभियानों से लेकर प्रशासन और रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. 30 जून से वह भारतीय सेना की कमान संभालेंगे और नए Army Chief के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे.


रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 की दोपहर से सेना प्रमुख का पद संभालेंगे. वे मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे, जो 30 जून को रिटायर हो रहे हैं. करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सेना में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं.
उन्होंने National Defence Academy से पढ़ाई की और दिसंबर 1986 में सेना की आर्मर्ड कॉर्प्स यानी टैंक वाली रेजिमेंट की सेकेंड लांसर्स में कमीशन हुए. सेना में उन्हें करीब 40 साल का तजुर्बा है. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मोर्चों पर कमान संभाली है.
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने प्रशासन और रणनीतिक योजना से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है.’ उन्हे Param Vishisht Seva Medal, Uttam Yudh Seva Medal, Ati Vishisht Seva Medal से सम्मानित किया जा चुका है.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने रेगिस्तानी इलाके में एक आर्मर्ड रेजिमेंट की कमान संभाली. इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर एक आर्मर्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी बल का नेतृत्व भी किया है.
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर रहते हुए उन्होंने भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन मानी जाने वाली सुदर्शन चक्र कोर की कमान भी संभाली है. बाद में वे दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) भी रहे, जहां उन्होंने कई नेशनल और इंटरनेशनल मिलिट्री इंगेजमेंट्स (international military engagements) की निगरानी की.
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने सेना की दो अलग-अलग ऑपरेशनल कमांड की अगुवाई की है. पहले उन्होंने साउथ वेस्टर्न कमांड और बाद में सदर्न यानी दक्षिणी कमांड की जिम्मेदारी संभाली.
ढाई साल से ज्यादा समय तक इन पदों पर रहते हुए उन्होंने महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में रणनीतिक नेतृत्व दिया. इस दौरान उन्होंने सैन्य योजनाओं, फोर्स मैनेजमेंट और सेना की क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. कहा जाता है कि उन्होंने सेना के मॉडर्नाइजेशन में भी काफी काम किया है.
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. उन्होंने सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों और मॉडर्न वॉर की चुनौतियों के हिसाब से मिलिट्री ताकत को डेवेलप करने में अहम भूमिका निभाई है. उनका जोर इस बात पर रहा है कि सेना आज की जरूरतों को समझते हुए नई तकनीकों को अपनाए और भविष्य में होने वाले युद्धों की चुनौतियों के लिए तैयार रहे.

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने हायर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज से ट्रेनिंग ली है. इसके अलावा उन्होंने फ्रांस के पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स से तालीम हासिल की है.
करीब 40 साल के अपने सैन्य सफर में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सेना में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. उन्होंने जमीनी अभियानों से लेकर प्रशासन और रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. 30 जून से वह भारतीय सेना की कमान संभालेंगे और नए सेना प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे.
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