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"हथियार ना ले जाने पर मिली थी यात्रा की परमीशन"- नूह हिंसा पर पुलिस ने क्या खुलासे किए?

रैली से पहले 27 जुलाई को जिला प्रशासन, नूह पुलिस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और जमीयत उलेम-ए-हिंद के प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के बीच एक बैठक भी हुई थी.

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हरियाणा पुलिस ने नूह में हुई हिंसा पर कहा, हथियार नहीं ले जाने के आश्वासन पर दी थी यात्रा को मंजूरी. (फोटो क्रेडिट - इंडिया टुडे)

"जब यात्रा के लिए मंजूरी दी गई थी तो हमने कहा था कि इसमें किसी भी तरह के हथियार न ले जाए जाएं."

हरियाणा में नूह के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत पवार ने ये बताया है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा पुलिस ने साफ किया कि उन्हें रैली में हथियार नहीं ले जाने का आश्वासन दिया गया था. इसके बाद ही पुलिस ने नूह में बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा की इजाज़त दी थी. इस रैली से पहले 27 जुलाई को जिला प्रशासन, नूह पुलिस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों और इलाके में रहने वाले लोगों के बीच एक बैठक भी हुई थी.

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रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर कई वीडियो और संदेश वायरल हुए. इसके बाद लोगों में गुस्सा भड़का. इनमें से एक वीडियो मोनू मानेसर का था. उसने 29 जुलाई को अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक वीडियो पोस्ट किया था. इसमें उसने बताया था कि वो नूह की रैली में शामिल होगा. उसने कहा था,

"मैं खुद यात्रा में शामिल रहूंगा. मेरी पूरी टीम भी वहां मौजूद होगी."

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मोनू पर है नासिर और जुनैद की हत्या का आरोप 

मोनू पर भिवानी में जुनैद और नासिर का अपहरण और हत्या करने का आरोप है. उसका वीडियो वायरल होते ही इलाके का माहौल बदल गया. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक कार्यकर्ता मुफ्ती सलीम सकरस ने कहा कि मोनू पर जुनैद और नासिर की हत्या करने का आरोप है. उसने वीडियो जारी कर मेवात आने की घोषणा की, जैसे उस बात का कोई मतलब ही नहीं है.

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के ही दूसरे कार्यकर्ता मौलाना यहिया करीमी ने कहा,

"ये यात्रा 3 साल से हो रही है. हम बस ये चाहते हैं कि किसी भी तरह के हथियारों का इस्तेमाल न हो."

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दूसरी तरफ बजरंग दल के कार्यकर्ता अमित हिंदू ने मोनू को बचाव किया है. उन्होंने कहा,

"मोनू ने अभी एक वीडियो पोस्ट किया, इससे लोगों को गुस्सा क्यों आ रहा है? ये यात्रा विश्व हिंदू परिषद या बजरंग दल के बारे में नहीं है. ये हिंदू समुदाय की यात्रा है."

हालांकि, मोनू मानेसर यात्रा में शामिल नहीं हुआ. मेवात के इलाके में 31 जुलाई को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से 'बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा' निकाली गई थी. इसमें करीब एक हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

पुलिस ने बताया है कि युवकों के एक समूह ने इस यात्रा को रोका. इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई. फिर पथराव और आगजनी होने लगी. इस हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए हैं. हुई हिंसा के बाद करीब 20 FIRs दर्ज़ हो चुकी हैं.  

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: नूह हिंसा पर क्या खट्टर सरकार और पुलिस इन सवालों के जवाब दे पाएंगे?

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