हार्दिक पांड्या महंगी घड़ियों के लिए काफी चर्चित हैं (फोटो क्रेडिट : इंस्टाग्राम)
हार्दिक पांड्या भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं. खेल के मैदान में वे काफी समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिस कारण उन्हें टीम इंडिया से बाहर भी कर दिया गया है. लेकिन, अब हार्दिक मैदान से बाहर भी मुश्किलों में घिरते दिख रहे हैं. उनके खिलाफ कस्टम विभाग ने जांच शुरू की है.
क्या है पूरा मामला?
बीती 14 नवंबर को हार्दिक पांड्या टी20 विश्व कप खेल कर यूएई से वापस भारत लौटे. लौटते समय जब वे मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे तो कस्टम विभाग के अधिकारियों ने उनके सामान की जांच की. आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उनके पास से 5 करोड़ रुपए की दो घड़ियां मिलीं. जब हार्दिक से इन घड़ियों के बारे में पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. उनके पास इन घड़ियों से जुड़ा कोई बिल भी नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद कस्टम विभाग ने इन घड़ियों को अपने कब्जे में लेकर, मामले की जांच शुरू कर दी है. मुंबई कस्टम विभाग ने इस मामले में एक बयान भी जारी किया है. न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक कस्टम विभाग के अधिकारियों ने कहा,
"कस्टम विभाग ने रविवार देर रात (14 नवंबर) को क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की दो कलाई घड़ियां जब्त की हैं जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपए है. यह तब हुआ जब वे दुबई से लौट रहे थे. क्रिकेटर के पास कथित तौर पर घड़ियों के बिल की रसीद नहीं थी."
हार्दिक पांड्या ने आरोपों को नकारा
इस मामले पर हार्दिक पांड्या का स्पष्टीकरण आया है. उन्होंने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उनकी घड़ियों की कीमत 5 करोड़ नहीं बल्कि डेढ़ करोड़ रुपए है. उनका यह भी कहना है कि उन्होंने एयरपोर्ट पर खुद ही जाकर कस्टम के अधिकारियों को अपनी घड़ी सौंपी थी. हार्दिक पांड्या ने अपने एक ट्वीट में लिखा है,
"15 नवंबर की सुबह जब मैं दुबई से वापस आ रहा था, तब मैं अपना बैग लेने के बाद खुद ही मुंबई एयरपोर्ट के कस्टम काउंटर पर गया. मैंने दुबई से लाए गए सभी आइटम उन्हें दिखाए और कस्टम ड्यूटी भरी. सोशल मीडिया पर गलत तरह से चीजों को फैलाया जा रहा है, मैं इन सभी चीजों के बारे में सही बात बताना चाहता हूं."
हार्दिक ने आगे लिखा,
"दुबई से मैंने जो सामान खरीदा था, वापसी के दौरान मैंने खुद ही उनकी जानकारी दी और कस्टम ड्यूटी भरने को तैयार था. कस्टम डिपार्टमेंट ने सभी जरुरी कागज मांगे हैं, जो हम दे रहे हैं. कस्टम विभाग अभी ड्यूटी का हिसाब लगा रहा है, जो मैं भरने को तैयार हूं. साथ ही घड़ी की कीमत 1.5 करोड़ है, ना कि 5 करोड़ रुपए, जैसे कि कयास लगाए जा रहे हैं."
हार्दिक पंड्या ने अपनी सफाई में यह भी कहा है कि वे कानून को मानने वाले नागरिक हैं, और सभी सरकारी एजेंसियों का सम्मान करते हैं. जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी वे कस्टम विभाग को दिए जाएंगे. हार्दिक के मुताबिक उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो पूरी तरह गलत हैं.
घड़ियों को लेकर बड़े भाई क्रुणाल पांड्या भी फंसे थे
भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के बड़े भाई हैं क्रुणाल पांड्या. क्रुणाल भी भारत के लिए खेल चुके हैं. दोनों भाई घड़ियों के शौक के लिए काफी मशहूर हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पास पाटेक फिलिप नॉटिलस प्लेटिनम 5711 जैसे सबसे महंगे ब्रांड की घड़ियों का कलेक्शन है. बीते साल नवंबर में क्रुणाल पांड्या के पास से भी लग्जरी घड़ियां मिली थीं. तब उन्हें डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने रोक लिया था. बाद में इस मामले को भी कस्टम विभाग को सौंप दिया गया.
टी20 वर्ल्ड कप में बुरी तरह फ्लॉप रहे हार्दिक पांड्या
हार्दिक पांड्या यूएई में हुए टी20 वर्ल्ड कप में गेंद और बल्ले के साथ बुरी तरह फ्लॉप रहे. वे पांच मैचों की तीन पारियों में 69 रन ही बना सके. खराब फॉर्म के चलते ही उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया गया है. उनकी जगह वेंकटेश अय्यर को बतौर ऑलराउंडर टीम में शामिल किया गया है.