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ज्ञानवापी सर्वे के दौरान उड़ रही 'अफवाहों' पर मुस्लिम पक्ष बोला- 'सर्वे का बहिष्कार कर देंगे'

हिंदू पक्ष के वकील ने भी कहा कि वहां क्या मिला, इस मामले से जुड़े लोग बयान नहीं दे सकते हैं.

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सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद 6 अगस्त को सर्वे का तीसरा दिन था. (फोटो: PTI)

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सर्वे का काम जारी है. सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद 6 अगस्त को सर्वे का तीसरा दिन था. ज्ञानवापी विवाद मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सर्वे का काम ठीक से हो रहा है. उन्होंने बताया कि कल यानी 7 अगस्त को भी ASI का सर्वे होगा. सर्वे के दौरान मस्जिद के भीतर मिली कई चीजों को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं. इस पर विष्णु जैन ने कहा कि सर्वे में क्या मिला, इस पर मामले से जुड़े लोग कोई बयान नहीं दे सकते हैं.

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मीडिया से बात करते हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा,

"हर दिन हमें क्या मिला, इस पर हम बयान नहीं दे सकते हैं. ASI अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. कार्रवाई चल रही है, कल (7 अगस्त) भी चलेगी. तीनों वकील और चारों वादिनी महिलाएं इस पर आपको कोई बयान नहीं देंगे और वो अधिकृत बयान नहीं माना जाएगा कि क्या मिला."

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उन्होंने कहा कि ASI एक निष्पक्ष बॉडी है, जो अपना ओपिनियन देगी, उसके बाद मामला बढ़ेगा. उनके मुताबिक सर्वे में सभी लोग सहयोग कर रहे हैं. 

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मामले पर अफवाहों के विरोध में एक्शन लेने की बात कही गई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि अगर यहां हिंदू धार्मिक प्रतीक और चीजें मिलने की अफवाह फैलाई जाएगी, तो वो इस सर्वे का बहिष्कार करेगा.

मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतजामिया कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने 5 अगस्त को अफवाहें फैलाईं. उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाई गई कि उस दिन 'तहखाना' के सर्वे के दौरान ‘मूर्तियां’, 'त्रिशूल' और 'कलश' पाए गए थे.

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रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, 

"अगर ऐसे कृत्यों पर काबू नहीं पाया गया तो मुस्लिम पक्ष सर्वे का बहिष्कार करेगा."

मामले में मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील मुमताज अहमद ने भी न्यूज एजेंसी ANI से कहा,

"मेरे प्रतिनिधि वहां मौजूद हैं... जहां अभी कार्रवाई नहीं हुई वहां अफवाह फैलाई जा रही कि इतनी बड़ी मूर्ति, त्रिशूल मिल गया है.. अगर आम जनता यह देखेगी तो लोगों में उन्माद आएगा... प्रशासन को यह सब चीज़ें देखनी चाहिए, क्योंकि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका काम है."

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे को मिली मंजूरी के खिलाफ दायर याचिका रद्द कर दी थी. एक दिन पहले 3 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ASI को सर्वे की मंजूरी दी थी. इसके बाद मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी सर्वे की मंजूरी दे दी. हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि इस सर्वे की पूरी कार्रवाई को सील करके रखा जाए. कुछ भी बाहर आता है तो इससे समस्याएं पैदा हो सकती हैं. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने ये भी कहा है कि इस सर्वे की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में ही ट्रायल कोर्ट में जमा की जाए.

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