गुजरात हाई कोर्ट (Gujarat High Court) रेप के दोषी आसाराम की एक अपील पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. कोर्ट 2013 के रेप केस में आसाराम (Asaram) की दोषसिद्धि के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करेगा. गुजरात हाई कोर्ट में 14 मार्च को आसाराम की जेल की सजा निलंबित करने की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट में आसाराम की बढ़ती उम्र और अब तक जेल में काटी गई सजा पर गौर करने की अपील की गई थी.
गुजरात हाई कोर्ट आसाराम की कौन सी अपील पर सुनवाई करने को तैयार हुआ?
गुजरात हाई कोर्ट में 14 मार्च को आसाराम की जेल की सजा निलंबित करने की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट में आसाराम की बढ़ती उम्र और अब तक जेल में काटी गई सजा पर गौर करने की अपील की गई थी. कोर्ट ने कहा कि वो सजा को निलंबित करने की याचिका की बजाए मुख्य अपील पर सुनवाई करेगा.


आजतक के ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा कि वो सजा को निलंबित करने की याचिका की बजाए मुख्य अपील पर सुनवाई करेगा. यहां मुख्य अपील 2013 के रेप मामले में आसाराम की दोषसिद्धि के खिलाफ दायर की गई अपील है. गुजरात हाई कोर्ट मामले की सुनवाई 4 अप्रैल से शुरू करेगा.
जेल की सजा सस्पेंड करने की याचिकाआसाराम लगभग एक दशक से जेल में है. 14 मार्च को जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस विमल व्यास की बेंच आसाराम की सजा को सस्पेंड करने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान जस्टिस सुपेहिया ने आसाराम की सजा की अवधि के बारे में पूछा.
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आसाराम के वकील ने बताया कि आसाराम को सजा काटते हुए 10 साल हो चुके हैं. वकील ने दलील दी कि आसाराम की उम्र 85 साल है, वो कई बीमारियों से जूझ रहा है. जस्टिस सुपेहिया ने कहा कि कोर्ट गर्मी की छुट्टियों से पहले आसाराम की याचिका की सुनवाई पूरी करने की कोशिश करेगा. ताकि छुट्टियों के बाद फैसला दिया जा सके.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा,
2013 में नाबालिग के रेप का मामला"मुख्य अपील या सजा को निलंबित करने की याचिका पर सुनवाई के लिए समान समय की जरूरत होगी. इसलिए हम 4 अप्रैल से मुख्य अपील पर सुनवाई करेंगे."
बता दें कि आसाराम पर अगस्त 2013 में एक नाबालिग के रेप का आरोप लगा था. पुलिस ने सितंबर 2013 में आसाराम को पकड़ा था. इस मामले में आसाराम को साल 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. आसाराम के खिलाफ रेप का एक दूसरा केस भी है.
साल 2013 में ही सूरत की दो बहनें ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया गया था. दोनों बहनों का आरोप था कि आसाराम और नारायण साईं ने उनका कई बार रेप किया. इस केस में जनवरी 2023 में गुजरात की एक कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस मामले में नारायण साईं को साल 2019 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
आसाराम को बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. कोर्ट ने आसाराम की बिगड़ती सेहत के कारण सजा को सस्पेंड करने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था. जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने आसाराम को राहत के लिए राजस्थान हाई कोर्ट जाने को कहा था.
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