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'तीन ओलंपिक गोल्ड' जीतने वाला पहलवान धरने पर क्यों बैठ गया?

पद्म थ्री मिलते ही धरने पर बैठे विरेंदर.

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धरना पर बैठे विरेंदर सिंह ( फोटो क्रेडिट : Goonga pahalwan Twitter)
विरेंदर सिंह. हरियाणा के डेफ रेसलर. दुनिया इन्हें 'गूंगा पहलवान' के नाम से भी जानती है. हाल ही में विरेंदर सिंह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों पद्म श्री अवॉर्ड मिला है. और अवॉर्ड मिलने के बाद विरेंदर सिंह धरने पर बैठ गए. विरेंदर सिंह अपने राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से नाराज हैं. विरेंदर का दावा है कि राज्य सरकार उन्हें समान अधिकार नहीं दे रही है. ताजा अपडेट ये है कि विरेंदर सिंह को सीएम मनोहर लाल खट्टर से बुलावा आया है. और वह चंडीगढ़ मिलने जाएंगे. जहां विरेंदर सिंह सीएम साहब के सामने अपनी बात रखेंगे. इससे पहले ट्विटर का सहारा लेते हुए विरेंदर सिंह ने लिखा था,
'माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी, आपके आवास दिल्ली हरियाणा भवन के फुटपाथ पर बैठा हूं और यहां से जब तक नहीं हटूंगा जब तक कि आप हम मूक-बधिर खिलाड़ियों को पैरा खिलाड़ियों के समान अधिकार नहीं देंगे, जब केंद्र हमें समान अधिकार देती है तो आप क्यों नहीं?'
बता दें कि जब विरेंदर सिंह को पद्म श्री मिला. तो खुद मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें बधाई दी थी. ट्विटर पर लिखा था,
'यह समस्त प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि हरियाणा के बेटे व फ्री-स्टाइल रेसलिंग के पैरा पहलवान श्री वीरेन्द्र सिंह जी को 'पद्मश्री' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इस अवॉर्ड के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.'
इसके बाद विरेंदर सिंह ने रिप्लाई करते हुए लिखा,
'मुख्यमंत्री जी आप मुझे पैरा खिलाड़ी मानते हैं. तो पैरा के समान अधिकार क्यों नहीं देते? पिछले चार वर्ष से दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं. मैं आज भी जूनियर कोच हूं और न ही समान कैश अवार्ड दिया गया. कल इस बारे में मैंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से बात की हैं, अब फैसला आपको करना है!'
गौर हो कि मूक-बधिर खिलाड़ियों के लिए कोई पैरालंपिक वर्ग नहीं है. और मूक-बधिर खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल समिति ही टूर्नामेंट आयोजित करती है. डेफलंपिक्स को अंतरराष्ट्री पैरालंपिक समिति से मान्यता प्राप्त है. लेकिन मूक-बधिर खिलाड़ी पैरालंपिक खेलों का हिस्सा नहीं होते. धरने पर बैठने के कुछ वक्त बाद विरेंदर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बताया कि हरियाणा खेल मंत्रालय के डायरेक्टर पंकज नैन ने उन्हें फोन किया था. पंकज नैन की मुख्यमंत्री से बात हुई है. और विरेंदर सिंह को चंडीगढ़ बुलाया गया है. हालांकि, विरेंदर ने ये भी कहा है कि अगर सीएम उनसे समान अधिकार की बात करते हैं. तो बात करेंगे. वरना सीएम आवास के सामने प्रदर्शन जारी रखेंगे. बता दें कि विरेंदर सिंह ने भारत के लिए तीन बार डेफलंपिक्स में गोल्ड और एक बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीता है. साथ ही उन्होंने वर्ल्ड डेफ रेसलिंग चैंपियनशिप में भी तीन मेडल्स अपने नाम किए हैं. जिसमें एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम ऊंचा करने के बावजूद विरेंदर सिंह को राज्य सरकार ने इग्नोर किया. हालांकि, भारत सरकार ने विरेंदर सिंह की उपलब्धियों का सम्मान किया है. विरेंदर सिंह को अर्जुन अवॉर्ड और पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है.

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