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बच्ची की नाक पर चोट लगी, सर्जरी के बाद बच्ची ने हिलना-डुलना बंद कर दिया, अस्पताल ने....

डॉक्टर बोला कि हार्ट अटैक आने की वजह से बच्ची की मौत हो गई है!

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(बाएं-दाएं) चोटिल बच्ची के साथ पिता सत्येंद्र. ग्रेटर नोएडा के डीसीपी अभिषेक वर्मा. (तस्वीरें- आजतक)

ग्रेटर नोएडा के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल में कथित रूप से एनेस्थीसिया के ओवरडोज से डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई. बच्ची के पिता ने अस्पताल पर ये आरोप लगाया है. उसने थाना बीटा-2 में अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज कराया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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एनेस्थीसिया के ओवरडोज से हुई मौत?

आजतक से जुड़े भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत दर्ज कराने वाले सत्येंद्र यादव एक आईटी कंपनी में नौकरी करते हैं. वो ग्रेटर नोएडा की AWHO हाउसिंग सोसायटी में रहते हैं. पुलिस ने सत्येंद्र की शिकायत के हवाले से बताया कि कुछ दिन पहले उनकी डेढ़ साल की बेटी को खेलते हुए नाक में चोट लग गई थी. वो इलाज के लिए उसे यथार्थ अस्पताल लेकर गए थे. हालांकि डॉक्टर बच्ची को बचा नहीं पाए. इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. जिन हालात में बच्ची की मौत हुई, उसने परिवार को पुलिस के पास जाने पर मजबूर कर दिया.

दरअसल, सत्येंद्र यादव और उनके परिवार के लोग कह रहे हैं कि सर्जरी के लिए बच्ची को जरूरत से ज्यादा एनेस्थीसिया दे दिया गया था. उनके मुताबिक इसी के कारण उसकी मौत हो गई. आजतक के मुताबिक पीड़ित पिता ने बताया,

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"डॉक्टर ने हमसे कहा था कि चोट के निशान ठीक करने के लिए बच्ची की प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी. इसके बाद वो बेटी को सर्जरी रूम में ले गए. बाद में हमने उसे देखा तो वो बेहोश पड़ी थी. जब बहुत देर तक उसे होश नहीं आया तो डॉक्टरों ने उसे फिर आईसीयू में शिफ्ट किया."

सत्येंद्र ने आगे कहा,

"इसके बाद डॉक्टर बोला कि हार्ट अटैक आने की वजह से बच्ची की मौत हो गई है. लेकिन हॉस्पिटल के जानकार लोगों ने हमें बताया कि सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया की हैवी डोज देने की वजह से बच्ची की मौत हुई है."

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सत्येंद्र के मुताबिक सर्जरी से पहले बच्ची की हालत बिल्कुल ठीक थी. वो हंस-खेल रही थी. लेकिन इलाज के लिए बेहोश किए जाने के बाद वो फिर नहीं उठी. पिता ने कहा कि वो अस्पताल के स्टाफ को लगातार टोकते रहे कि उनकी बच्ची हिलडुल नहीं रही है. लेकिन वे सब यही कहकर दिलासा देते रहे कि सर्जरी के बाद ये सब सामान्य है. उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि सर्जरी के बाद बेहोश हुई बच्ची को घंटों तक चेक करने कोई नहीं आया. बाद में अस्पताल के चेयरमैन ने कथित रूप से उन्हें समझाने के बहाने मामले को कवर करने की कोशिश की.

इस पूरे मामले को लेकर अब तक अस्पताल की तरफ से कोई सफाई नहीं आई है. वहीं केस की जानकारी देते हुए ग्रेटर नोएडा के डीसीपी अभिषेक वर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि ये पूरा प्रकरण ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर रही है. जांच में जो भी सबूत निकल कर आएंगे उनके आधार पर ऐक्शन लिया जाएगा.

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