दो आरोपी लड़की की आवाज बनाकर बच्ची को फोन करते थे इस मदरसे में तकरीबन छह लोग पढ़ते थे. ये सब इसी मदरसे में रहते भी थे. मुख्य आरोपी भी यहीं रहता था. पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी और उसका दोस्त, दोनों मिलकर बच्ची के साथ फोन पर बात करते थे. लड़की की आवाज में. ऐसे जताते, मानो वो लड़की हों. बच्ची और उनके बीच 13 मार्च से फोन पर बात होनी शुरू हुई. आखिरी बात 21 अप्रैल को हुई. इसी दिन उसने बच्ची को किडनैप किया था. 40 दिनों के अंदर बच्ची ने उसे 27 बार फोन किया. जबकि उसने करीब 333 बार फोन किया.

ये वही मदरसा है, जहां ये गैंगरेप हुआ. पुलिस का कहना है कि यहां करीब छह लड़के पढ़ते थे. कुछ बच्चे थे. कुछ बड़े लड़के. पुलिस का कहना है कि मौलवी को सब पता था. वो चाहता, तो सही समय पर पुलिस को खबर कर सकता था. गैंगरेप रोक सकता था. लेकिन वो चुप रहा.
दो ने रेप किया. एक और लड़के ने मदद की. मौलवी ने छुपाया. दिल्ली पुलिस ने इस केस में अपनी चार्जशीट दाखिल की है. 19 पन्नों की ये चार्जशीट मंगलवार को कोर्ट में जमा की गई. इसमें दो लोगों पर बलात्कार का इल्जाम है. एक तो वो लड़का, जो पहले ही अरेस्ट किया जा चुका है. उसके अलावा उसके एक दोस्त पर भी रेप का आरोप है. जो कि फिलहाल फरार है. इन दोनों के अलावा एक तीसरा आरोपी भी है. पुलिस के मुताबिक, उसने बच्ची को फुसलाकर मदरसे तक लाने में आरोपी की मदद की. ये आरोपी भी अभी फरार है. मदरसे के मौलवी पर सब कुछ जानते हुए भी चुप रहने का और पुलिस को खबर न करने का आरोप है. उसके ऊपर POCSO ऐक्ट के सेक्शन 21 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
चार्जशीट के मुताबिक-
पुलिस ने अभी तक एक आरोपी को अरेस्ट किया है. उसने किसी और नाम से लड़की को फोन किया. लड़की से कहा कि उसकी छोटी बहन उससे मिलना चाहती है. उसने लड़की को आइसक्रीम पार्लर पर मिलने बुलाया. वहां उसने लड़की को ऑटो में बिठाकर किडनैप कर लिया. फिर उसे साथ लेकर गाजियाबाद के उस मदरसे में आया. मदरसे में अपने दोस्त की मदद से उसने लड़की को कैद करके रखा. जिस दोस्त ने उसकी मदद की, वो फरार है.

बच्ची ने जो शुरुआती बयान दिया था, उसमें मौलवी के बारे में कुछ नहीं कहा था. पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा उसके दो दोस्तों पर भी आरोप लगाया है. मौलवी पर भी केस दर्ज हुआ है.
कैसे किया गैंगरेप? पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी बच्ची को मदरसे की छत पर लेकर गया. उसने बच्ची को वहां पड़ी लकड़ी के पीछे छुपा दिया. फिर जब मौलवी चला गया, तो वो बच्ची को लेकर मदरसे की दूसरी मंजिल पर गया. दूसरी मंजिल पर मदरसे के चार-पांच बच्चे और एक किशोर उमर का लड़का था. मुख्य आरोपी ने उनसे कहा कि वो लड़की पर नजर रखें. उसे रेलिंग के पास न जाने दें. मगर बच्चों ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया. गुस्से में आकर मुख्य आरोपी ने बच्चों की पिटाई कर दी. फिर रात के समय उसने बच्ची को नशीली चीज मिला पानी पीने को दिया. बच्ची बेहोश हो गई. फिर मुख्य आरोपी ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसका गैंगरेप किया. अगली सुबह जब बच्ची जगी, तो उसे दर्द हो रहा था. मुख्य आरोपी ने उससे कहा कि वो नहाकर कपड़े बदल ले. सबूत मिटाने के इरादे से उसने अपना और बच्ची का फोन तोड़ दिया. पुलिस ने मदरसे के पास के एक प्लॉट से दोनों फोन बरामद कर लिए हैं.
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