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हमास-इज़रायल संघर्ष पर दुनिया बंटी तो पूर्व इज़रायली अधिकारी ने दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया

फिलिस्तीन के साथ इज़रायल की तरफ से शांति वार्ताकर रह चुके डैनियल लिवी ने गाजा पर इजरायल के हमले को लेकर जो कहा, वो आंखें खोल देने वाला है. बयान दुनिया भर में वायरल है.

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डैनियल लिवी फिलिस्तीन के साथ शांति वार्ता में इजरायली वार्ताकर रह चुके हैं. (फोटो: AP और वीडियो स्क्रीनशॉट)

हमास ने इजरायल (Israel) पर हमला किया, तो हमास और उसका पक्ष लेने वालों ने कहा कि ये इजरायल के अत्याचार का नतीजा है. हमास के हमले के बाद इजरायल ने कार्रवाई शुरू की. इजरायल और उसका पक्ष लेने वालों ने कहा हमास (Hamas) ने जो किया, इजरायल उसका जवाब दे रहा है. हालांकि, इस संघर्ष का खामियाजा दोनों ही तरफ के आम नागरिक भुगत रहे हैं. दोनों ही तरफ के लोग मारे जा रहे हैं. पूरी दुनिया दो खेमों में बंट चुकी है. इस बीच डैनियल लिवी (Daniel Levy) नाम के एक पूर्व इजरायली अधिकारी का इजरायल-हमास युद्ध (Israel-Hamas war) पर दिया गया एक बयान इंटरनेट पर काफी शेयर किया जा रहा है. 

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आतंकियों पर कार्रवाई के नाम पर आम लोगों को भूखा नहीं रख सकते

डैनियल लिवी ने दोनों ही तरफ की कार्रवाई को जायज़ नहीं ठहराया. लिवी ने कहा है कि जिस तरह इजरायल पर हमास का हमला गलता था, उसी तरह इजरायल जो गाजा में कर रहा है, वो भी सही नहीं है. उन्होंने कहा कि आतंकियों को निशाना बनाने के नाम पर एक पूरी सिविलियन आबादी का खाना-पानी बंद करने को कौन सही ठहराएगा.

ये भी पढ़ें- "मैं पहले मर जाऊं..."- इजरायल के हमलों से दहले गाजा के लोगों ने क्या-क्या बताया? 

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डैनियल लिवी फिलिस्तीन के साथ शांति वार्ता में इजरायली वार्ताकर रह चुके हैं. इजरायल-हमास युद्ध की कवरेज के दौरान 11 अक्टूबर को की. BBC की न्यूज प्रेजेंटर के साथ डैनियल लिवी की बातचीत का एक हिस्सा वायरल है. इस वीडियो क्लिप में न्यूज प्रेजेंटर ने कहा,

"लेकिन इजरायली कहेंगे, देखो, हम तो अपना बचाव कर रहे हैं, हम गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. हम कोशिश कर रहे हैं कि जिसे हम आतंकवादी संगठन मानते हैं, उसे हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर दें."

जवाब में, लिवी न्यूज प्रेजेंटर से पूछते हैं,

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"क्या आप वाकई ऐसा कह सकती हैं? क्या आपको लगता है कि बुनियादी अधिकारों से वंचित आबादी में छिपे आतंकवादी संगठन किसी सैन्य अभियान में कभी भी हमेशा के लिए खत्म हुए हैं? क्या इतिहास में ऐसा होता है? जब किसी देश का नेतृत्व कहता है कि वो पूरी नागरिक आबादी का खाना, बिजली, पानी, सभी सप्लाई काट रहा है, तो क्या कोई मुझे ये भरोसा दे सकता है कि वो आतंकवादियों को निशाना बना रहा है?"

डैनियल लिवी ने आगे कहा,

"मुझे खेद है, इस तरह के झूठ को चलने नहीं दिया जा सकता. और जब आप खुद से झूठ बोलते हैं, तो यह गलत नीति की ओर ले जाता है. अगर कोई मुझसे कहे कि आतंकवादियों ने पिछले हफ्ते 7 अक्टूबर को जो किया वह सालों के कब्जे के खिलाफ सही प्रतिक्रिया थी? मैं कहूंगा कि नहीं, आप गलत सोच रहे हैं. आपने मानवता और वास्तविकता को खो दिया है. अगर कोई मुझसे कहता है कि इजरायल आज गाजा में जो कर रहा है, वो 7 अक्टूबर के हमले का सही सही जवाब है? तो मैं उसे भी गलत कहूंगा. ये वैसा ही है."

लिवी ने कहा कि फिर भी इंटरनेशनल कम्युनिटी यही कह रही है. इन चीज़ों को जायज़ ठहराने को चुनौती देने की जरूरत है. क्योंकि यह झूठ है और अगर हम ऐसी बातों को बढ़ावा देते हैं, तो ये युद्ध भड़काने वाला है. बता दें कि डैनियल लिवी अभी U.S./मिडिल ईस्ट प्रोजेक्ट (USMEP) के प्रेसिडेंट हैं. USMEP लंदन और न्यूयॉर्क में स्थित एक संगठन है. इस संगठन का मकसद इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष के समाधान को आगे बढ़ाना है, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो, जिसमें दोनों पक्षों की सहमति हो.

वीडियो: दुनियादारी: इजरायल-फिलिस्तीन झगड़े में अल-अक्सा मस्जिद पर हमले का सच क्या?

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