The Lallantop

लखनऊ PGI में पूर्व BJP सांसद के बेटे की मौत, पिता का आरोप- "भर्ती ही नहीं किया"

पूर्व सांसद का बेटा किडनी की बीमारी से जूझ रहा था. आरोप है कि PGI में इलाज ना होने के चलते उसकी मौत हो गई. पूर्व सांसद अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे.

Advertisement
post-main-image
पूर्व BJP सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा (फोटो- आजतक)

उत्तर प्रदेश में लखनऊ के PGI अस्पताल में पूर्व BJP सांसद के बेटे की मौत हो गई. वो किडनी की बीमारी से जूझ रहा था. पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. बताया कि उनके बेटे को बेड तक नहीं दिया गया, ना ही किसी डॉक्टर ने उसका इलाज किया. बेटे की मौत के बाद उन्होंने अस्पताल के खिलाफ धरना भी दिया.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भैरों प्रसाद मिश्रा 2014 में BJP के टिकट पर बांदा सीट से सांसद चुने गए थे. उनके बेटे प्रकाश मिश्रा का PGI में किडनी का इलाज चल रहा था. 28 अक्टूबर की रात को 11 बजे के आसपास तबीयत ज्यादा खराब हुई तो पूर्व सांसद बेटे के साथ इमरजेंसी वार्ड पहुंचे. आरोप है कि वहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने प्रकाश को भर्ती नहीं किया. लगभग एक घंटे बाद बेटे की मौत हो गई. इसके बाद पूर्व सांसद इमरजेंसी वार्ड में ही धरने पर बैठ गए. 

UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने बताया कि आरोपी डॉक्टर को नौकरी से निकाल दिया गया है. उन्होंने पोस्ट में जानकारी दी,

Advertisement

PGI, लखनऊ में पूर्व सांसद भैरों प्रसाद जी के बेटे के दुखद निधन के संबंध में यूपी सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. शुरुआती जांच में दोषी पाए गए संबंधित चिकित्सक को संस्थान से कार्य मुक्त किया जा रहा है. भविष्य में इस तरह की घटना फिर से ना हो, इस संबंध में PGI के निदेशक को चेतावनी भी दी गई है.

ये भी पढ़ें- शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में धरने पर बैठे BJP सांसद, '50 किलो सोना, 500 करोड़ कालाधन' बोल रहे थे

मामले को लेकर PGI के निदेशक डॉ. RK धीमान ने बताया कि जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है. कमेटी में डॉक्टर संजय राज, डॉक्टर DK पालीवाल और डॉक्टर RK सिंह शामिल हैं. उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement
अखिलेश यादव ने कसा तंज

मामले पर एक न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा,

बात किसी विशेष व्यक्ति को इलाज न मिल पाने की वजह से दम तोड़ देने की नहीं है. हर एक सामान्य नागरिक के जीवन के मूल्य की भी है. जब यूपी में सत्ताधारी BJP के पूर्व सांसद के बेटे तक को इलाज नहीं मिल पा रहा है तो आम  जनता के बारे में क्या कहना.

अखिलेश यादव ने लिखा कि आशा है दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार से लौटने के बाद यूपी के भाजपाई मंत्रीगण इसका संज्ञान लेंगे क्योंकि अभी तो उनके लिए चुनाव किसी के जीवन से अधिक महत्वपूर्ण है.

Advertisement