माहौल. बहुत मायने रखता है. बनता मुश्किल से है और बिगड़ एकदम जाता है. ये ही माहौल बनाने के लिए लगातार कोशिशें हो रही हैं. पाकिस्तान और इंडिया के बीच उड़ी हमले के बाद ऐसा माहौल बिगड़ा है कि सबसे ज्यादा नुकसान फनकारों का हुआ है. क्योंकि बैन, बैन का खेल खेला जाने लगा. एक अमन की खबर ये है कि पाकिस्तान में 4 नवंबर को 'जीवन हाथी' फिल्म रिलीज़ हो रही है. ये फिल्म इसलिए खास है क्योंकि इसमें नसीरुद्दीन शाह ने एक्टिंग की है. जबकि पाकिस्तान में इंडियन फ़िल्में बैन हैं.
इस फिल्म की शूटिंग उस वक्त शुरू हुई थी जब इंडिया-पाक के बीच ये हालात नहीं थे, जो अब हैं. हिंदुस्तान में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पाकिस्तानी फनकारों को लेकर बवाल मचा रहे है. तो पाकिस्तान में फिल्म बोर्ड ही वहां गुंडा सेना बन गई. और इंडियन प्रोग्राम पर ही पाबंदी लगा दी.
जीवन साथी का नया गाना 'झूठ की लूट' रिलीज़ किया गया है. जिसे यू ट्यूब पर काफी पसंद किया गया है. ये फिल्म मीडिया पर की गई कॉमेडी है. और इस गाने में मीडिया को ही निशाना बनाया गया है. https://www.youtube.com/watch?v=rzFTqcH858c इस फिल्म में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हिना दिलपजीर हैं, जो फिल्म में टीवी पर मॉर्निंग शो होस्ट करती हैं. और टीवी चैनल के मालिक नसीरुद्दीन बने हैं. हिना दिलपजीर ने फिल्म में नसीरुद्दीन की बीवी का किरदार निभाया है. 'जीवन हाथी' फिल्म 'जील फॉर यूनिटी' प्रोजेक्ट के तहत बनी है, जिसमें सरहद के दोनों तरफ के 12 फिल्मकारों ने योगदान दिया है. 'जीवन हाथी' की कहानी फसीह बरी खान ने लिखी है. इस फिल्म का डायरेक्ट मीनू गौर और फरजद नबी ने किया है. प्रोड्यूसर हैं शैलजा केजरीवाल और मजहर जैदी. ये फिल्म पाकिस्तान में 4 नवंबर को रिलीज हो रही है लेकिन भारत के थिएटर्स में फिलहाल इसे रिलीज नहीं किया जाएगा. फिल्म के प्रोड्यूसर मजहर जैदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि दोनों मुल्कों के बेहतरीन फिल्मसाजों को एक बैनर तले इकट्ठा करना किसी कारनामे से कम नहीं था. जीवन साथी 'जिंदा भाग' फिल्म का बेहतरीन फॉलोअप साबित होगी. फिल्म में संगीत दिया है साहिर अली बग्गा और बेगैरत ब्रिगेड के अली आफताब सईद ने.
'अंधेरे में दिया जलाया है'
हिना पजीर को उम्मीद है कि ये फिल्म अमन का पैगाम लेकर आएगी. डॉन' से बातचीत के दौरान 47 साल की हिना ने कहा था कि आर्टिस्ट मौजूदा पॉलिटिकल हालात तो नहीं बदल सकते, लेकिन वो प्यार जरूर बांट सकते हैं. हिना ने कहा, 'हम सब कलाकार जो क्रिएटिव काम के लिए जाने जाते हैं, हमारा काम किसी को बदलना नहीं है, हमारा काम अंधेरे में दिया जलाना है, इस उम्मीद के साथ रोशनी फैलेगी, और रास्ता दिखेगा. हम बस वही कर रहे हैं.'
हिना ने ये भी कहा कि युद्ध सिर्फ राजनेताओं के बीच है ना कि आम लोगों में. हिना ने कहा, 'ये (भारत-पाक खिंचाव) आम आदमी की लड़ाई नहीं है और ना ही ये नफरत आम आदमी ने फैलाई है. ये सब राजनेताओं का किया है और कुछ नहीं. क्यों खुदा से डरने वाला एक इंसान ऐसे ही दूसरे इंसान से नफरत करेगा. इसका कोई कारण नहीं है.'
जील फॉर यूनिटी क्या है
'जिंदगी' चैनल की 2014 में लांचिंग हुई, उसके बाद पाकिस्तानी कल्चर इंडियंस के करीब आया. इसी को बढ़ावा देने के लिए जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने जील फॉर यूनिटी प्रोजेक्ट शुरू किया. इस प्रोजेक्ट के तहत 6 पाकिस्तानी और 6 इंडियंस डायरेक्टर को जोड़ा गया. और ये नामी डायरेक्टर हैं. तय हुआ कि 12 फ़िल्में बनाई जाएंगी. इसमें दोनों देशों के डायरेक्टर सहयोग करेंगे. जो दोनों देशों की दूरियां मिटाने की कोशिश होगी. जील फॉर यूनिटी में पाकिस्तानी से महरीन जब्बार, साबिहा समर, खालिद अहमद, शहबाज समर, सिराज उल हक और मीनू फरजाद डायरेक्टर शामिल हैं. और इंडियंस में अपर्णा सेन (मिस्टर एंड मिसेज अय्यर), तनूजा चंद्रा (संघर्ष), केतन मेहता (मांझी: द माउंटेन), निखिल आडवाणी (कल हो न हो), तिग्मांशु धूलिया (साहेब बीवी और गैंगस्टर) और बिजॉय नाम्बियार (वजीर) शामिल हैं.
अलग अलग सब्जेक्ट पर हैं फ़िल्में
जील फॉर यूनिटी के तहत 12 फ़िल्में बननी हैं. वो अलग-अलग सब्जेक्ट और लेंथ की शार्ट फ़िल्में हैं. इन 12 फिल्मों में नाम्बियार की 'दोबारा' उस लड़की की कहानी है, जो आजाद ख्याल है और अरेंज मैरिज होती है. केतन मेहता की 'टोबा टेक सिंह' उर्दू राइटर सआदत हसन मंटो का एक व्यंग्य है. तिग्मांशु धुलिया की फिल्म एक मुस्लिम लड़के पर है, जो अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में हिंदू बनके रहने के लिए घर तलाशता है. वहीं पाकिस्तानी डायरेक्टर शहबाज समर की फिल्म 'खेमे में मत झांकें' एक फंतासी फिक्शन है. और सिराज उल हक़ की फिल्म ' मोहब्बत की आखिरी कहानी' ऑनर किलिंग को दिखाएगी.
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