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सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर 31 जनवरी तक इंटरनेट बंद

30 जनवरी का किसान आंदोलन से जुड़ा अपडेट जान लीजिए.

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किसान आंदोलन की फाइल फोटो.
केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन की तीन जगहों सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर इंटरनेट 31 जनवरी की रात 11 बजे तक के लिए बंद कर दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से इस मामले में आदेश जारी किया गया है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने भी राज्य के 14 जिलों में 30 जनवरी शाम पांच बजे तक इंटरनेट सेवा को सस्पेंड कर दिया है. किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा,
हम जहां बैठे हैं वहां पर सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है, हरियाणा में भी इंटरनेट बंद कर दिया है. कई बार पानी, बिजली बंद कर देते हैं.
26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुए उपद्रव में सैकड़ों पुलिस वाले घायल हो गए थे. विरोध में दिल्ली पुलिस महासंघ और घायल जवानों के परिवारों ने शहीदी पार्क में प्रदर्शन किया. हिंसा में घायल हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार ने बताया,
'मैं लाल किले के गेट पर तैनात था. हम भीड़ को बाहर निकाल रहे थे, इसी दौरान उपद्रवियों ने अचानक हमला कर दिया. उनके हाथों में लाठियां और तलवारें थीं. मुझे सिर और पैरों में चोटें आईं हैं'
हेड कॉन्स्टेबल सुनिता जिनकी पोस्टिंग मॉडल टाउन में हुई थी, उन्होंने बताया,
मैं मुकरबा चौक पर थी.DCP-ACP भी थे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पहले से निर्धारित रूट पर जाने को कहा, लेकिन वे अग्रेसिव हो गए. बैरियर तोड़ दिया. हम पर हमला किया और हमारी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया. नहीं पता था कि वे हमपर हमला कर देंगे.
किसान नेताओं ने एक दिन का उपवास रखकर सद्भावना दिवस मनाया. इसके जरिए वे 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा का प्रायश्चित करना चाहते हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने एलान किया है कि महापंचायत में चर्चा के बाद किसान गाजीपुर बॉर्डर की तरफ कूच करेंगे. उन्होंने कहा कि बागपत पंचायत में किसानों पर जो राजनीति हो रही है. उस पर हम आपस में चर्चा करने के बाद ग़ाज़ीपुर बॉर्डर की तरफ कूच करेंगे. सभी किसान भाई तैयार रहें. अब बात किसान के सम्मान की है.' सर्वदलीय बैठक में पीएम क्या बोले? वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना इजाजत के कोई लाल किले में नहीं पहुंच सकता. वे लोग सीधा लाल किला चले गए और वो लोग खुद कह रहे हैं कि हमें किसी ने नहीं रोका. आंदोलन को तोड़ने के लिए कई षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. शनिवार, 30 जनवरी को सर्वलीय बैठक हुई इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की. बैठक में पीएम ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जो ऑफर किया था, (उस पर) हम डिस्कशन के लिए तैयार हैं. कृषि मंत्री ने कहा था कि अगर आप डिस्कशन करना चाहते हैं तो मैं एक फोन कॉल पर मौजूद हूं. जो ऑफर उन्हें दिया गया था, वो आज भी है. सरकार बातचीत के लिए तैयार है. जो मंत्री ने कहा था वो ओपन है. 26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा की घटना के बाद 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी किसान गायब हैं. इंडिया टुडे के मनजीत सहगल की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 18 किसानों को गिरफ्तार करने की बात कही है. बाकी किसानों का कुछ पता नहीं चल रहा है. पंजाब ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन नाम के एनजीओ का कहना है कि पंजाब से ट्रैक्टर परेड के लिए आए करीब 100 किसान गायब हैं.

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