दुनिया के सबसे पढ़े-लिखे लोगों ने इंटरनेट का स्वागत यह कहते हुए किया था कि यह सूचनाओं की जमींदारी को खत्म कर देगा. एक हद तक इंटरनेट ने यह काम किया भी. जिस चीज को पढने के लिए आपको लाइब्रेरी के चक्कर लगाने पड़ते, वो फिलहाल आपको एक एक क्लिक पर मिल जा रही है. लेकिन एक दिक्कत है. इंटरनेट और ख़ासतौर पर सोशल मीडिया अफवाह और गलत जानकारी का अड्डा बन गया है.
पड़ताल: अशोक गहलोत के 'पानी से बिजली निकाल लेने पर क्या बचेगा' वाले वीडियो की सच्चाई!
रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून


शूल फिक्चर देखी है आपने. उसमें बाहुबली विधायक बच्चू यादव (सयाजी शिंदे) विधानसभा में बांध बनाकर बिजली पैदा करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहता है-
"बिजली बनाने के चक्कर में किसानों का नुकसान ना करें. हमारा राज किसानों का राज है. वैसे भी उनके खेत में साबुत पानी नहीं पहुंचता है और जो पहुंचता है, उसमें से भी आप बिजली निकाल लेंगे तो फसल क्या ख़ाक होगी."
सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत बांध से बिजली बनाने को लेकर शूल फिल्म जैसे तर्क देते दिखाई दे रहे हैं. यह एक क्रॉप किया मतलब काटा गया वीडियो है. जिसमें पूरी बात न होकर बीच के 16 सेकंड काटे गए हैं. इस वीडियो के बाद ट्विटर पर #ScientistGehlot ट्रेंड करने लगा.
क्या है सच्चाई?
"मुझे याद है बचपन में जब जनसंघ हुआ करता था. भाखड़ा डैम बना था तब. यही जनसंघ वाले घूम-घूमकर प्रचार करते थे. पंडित नेहरू का दिमाग खाराब हुआ है. यह बांध बना रहा है. उसमें बिजलीघर बनाएगा. जब पानी में से बिजली निकल जाएगी तो उसकी ताकत ही खत्म हो जाएगी. आपके खेतों में वो पानी काम क्या आएगा."
देखिए पूरा वीडियो
एक बयान को गलत जगह से काटकर ऐसे फैला दिया जाता है झूठएक बयान को गलत जगह से काटकर ऐसे फैला दिया जाता है झूठ Posted by The Lallantop on Tuesday, June 5, 2018
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