फवाद खान. एक खूबसूरत पाकिस्तानी एक्टर. एक्टिंग भी अच्छी कर ही लेता है. बीते कुछ सालों से इंडियन फिल्मों में चहक, महक रहा है. अभी जब उड़ी अटैक हुआ, फिर सर्जिकल स्ट्राइक हुई. तब से प्यारी सी सूरत और सौम्य स्वभाव के नजर आने वाले फवाद खान खबरों में हैं. पहले फवाद खान को बैन करने की मांग हुई. फिर फवाद खान 27 सितंबर को अपनी प्रेगनेंट वाइफ से मिलने पाकिस्तान लौटे तो कुछ लोगों ने कहा कि फवाद डरकर भागे. खैर लोगों का क्या है. लोगों का काम है कहना. फवाद खान का पीछा एंटी लोगों ने इससे आगे तक किया. कुछ लोगों ने कहा कि फवाद खान ने पाकिस्तान जाकर एंटी इंडिया बात कही है. जिस बात को कथित तौर पर फवाद खान का बयान बताया जा रहा है. वो कुछ यूं है,
'बॉलीवुड किसी के बाप का नहीं है कि हम वहां काम नहीं करेंगे. बॉलीवुड हमारे लोगों की वजह से है. जो लोग हमारा विरोध कर रहे हैं तो वो होते कौन हैं. इन छोटे लोगों की हमें क्या परवाह? इंडियंस का दिल छोटा होता है.'
अब इतना सुनकर आपका खून खौलने लगा हो तो बता दें कि फवाद खान को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है. क्योंकि फवाद खान ने कोई एंटी इंडिया बात नहीं की है. जानिए क्या है पूरा सच...
ये अफवाह किसने फैलाई है?
दो-तीन वेबसाइट्स हैं. एक का नाम है
इंटरनेट हिंदू- वॉइस ऑफ हिंदू. बाकियों के नाम हैं
Threemad और
godofsmallthing. इंटरनेट हिंदू वेबसाइट् ने तो टाइटल में कह डाला, 'जिन लोगों ने फवाद खान का सपोर्ट किया, उन्हें शर्म से मर जाना चाहिए.' एक
दैनिक भारत नामक फेसबुक पेज से भी यही झूठ फैलाया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, खबर का सूत्र कौन है?
ऊपर चिपकी तमाम साइट्स के स्क्रीनशॉट में जो दो लोग कॉमन हैं. वो टीपी अग्रवाल और अमे खोपकर हैं. आइए पहले इनके बयान जान लीजिए.
फवाद खान ने इंडिया छोड़ने के बाद विवादास्पद टिप्पणी की है. वो भी उस देश के खिलाफ जहां वो काम करके अच्छा पैसा बना रहे थे. फवाद ने पाकिस्तान पहुंचकर कहा कि बॉलीवुड किसी के बाप का नहीं है कि हम वहां काम नहीं करेंगे. बॉलीवुड हमारे लोगों की वजह से है. जो लोग हमारा विरोध कर रहे हैं तो वो होते कौन हैं. इन छोटे लोगों की हमें क्या परवाह?: टीपी अग्रवाल (चेयरमैन इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोडयूसर्स एसोसिएशन) फवाद खान ने कहा कि इंडियंस का दिल बहुत छोटा होता है: एमएनएस चित्रपट के अध्यक्ष अमे खोपकर
अब दोनों बयानों के पीछे का सच जान लीजिए. सच जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इन्ही दोनों सज्जनों के बयानों के दम पर फवाद खान के बयान का झूठ फैलाया जा रहा है. द क्विंट ने टीपी अग्रवाल से फवाद खान के बयान के मुद्दे पर फोन किया. टीपी अग्रवाल से जब पूछा गया कि आपको इस बारे में कहां से पता चला तो वो बोले, 'मैंने मीटिंग में सुना था. कोई बता रहा था. अब मुझे याद नहीं आ रहा कि किसने कहा था.' यानी वो इस बात का प्रूव नहीं कर पाए कि बयान फवाद खान ने दिया. सुनी-सुनाई बातें. बनी-बनाई बातें. अब बात अमे खोपकर के बयान की. अमे खोपकर MNS के नेता हैं. ये वही MNS है, जिसके मुखिया राज ठाकरे हैं. वही राज ठाकरे जो उड़ी अटैक के बाद से ही पाकिस्तानी कलाकारों को 48 घंटे में इंडिया छोड़ने का अल्टीमेटम दे रहे थे. वही राज ठाकरे, जिनके गुंडे आए रोज महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों को मारते हैं. वही राज ठाकरे जो लगभग रोज पाकिस्तानियों से दुश्मनी की ख्वाहिश मन में और माइक में पाले रहते हैं.
लिहाजा दोनों बयान फुस्सी निकले.
पाकिस्तानी मीडिया क्या कहता है?
सिर्फ वही, जो हमारा मीडिया कहता है. बदला सिर्फ एक शब्द जाता है. '
पाकिस्तान इंडिया ने किया सीजफायर का उल्लंघन.' उस तरफ का मीडिया भी जंग की तैयारियों में जुटा है. जिस इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके फवाद खान के एंटी इंडिया बयान वाला झूठ फैलाया जा रहा है. उसी इंटरनेट का यूज हमने भी किया. पाकिस्तान की टॉप की साइट्स खंगाली. फवाद खान कीवर्ड भी काम नहीं कर रहा है. स्क्रीनशॉट नामक एक व्यवस्था है. इसी व्यवस्था का यूज करके आपको सबूत दे रहे हैं. देख लीजिए.
1. डॉन न्यूज़
2. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून
3. Geo टीवी
तीसरे नंबर का स्क्रीनशॉट जियो न्यूज का है. इस्लामाबाद में फाइटर प्लेन उड़ाने वाला जियो न्यूज. इंडिया के सर्जिकल स्ट्राइक को झूठा और 9-10 इंडियन फौजियों को मारने का दावा करने वाला जियो न्यूज.
एक बात और समझिए. फवाद खान के इस कथित बयान का मिजाज एंटी इंडियन है. मिजाज ये भी है कि 'बॉलीवुड खुद को तुर्रम खां न समझे. हम पाकिस्तानी काबिल हैं.' ऐसे में क्या आपको वाकई लगता है कि आज वाले माहौल में कोई बड़ी पाकिस्तानी न्यूज साइट इस खबर को कवर नहीं करेगी. हिट्स पाने की दौड़ है. कोई बकलोल ही होगा कि इस खबर को नहीं करेगा. पर खबर करने की कोई सच्चाई तो होनी चाहिए. क्योंकि अपनी प्रेगनेंट वाइफ की डिलिवरी से पहले पाकिस्तान पहुंचे फवाद खान ने किसी से कोई बात नहीं की है. वो फैमिली संग हैं. परिवार को अपना वक्त दे रहे हैं. सोशल मीडिया और मीडिया दोनों से दूरी बनाई हुई है. ये देखिए सबूत...
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पाकिस्तान, अमेरिका और इंडिया की 'भाषा' में क्या बोले फवाद?
हमें तीन भाषाएं आती हैं. इंग्लिश, हिंदी और उर्दू. ये तीनों ही भाषा किसी के अपने मुल्क की नहीं हैं. पर अगर गूगल पर तीनों ही भाषा में फवाद खान लिखकर सर्च किया जाए, जो इससे जुड़ी कोई खबर नहीं आती है.
Fawad khan
फवाद खान

अबे यहां क्या देख रहे हो. दाएं देखो. उर्दू दाएं से लिखी जाती है.
فواد خان
अब अगर इतने सबूतों के बाद भी आपका फवाद खान के एंटी इंडिया बयान देने वाली बात को खारिज करने का मन कर रहा है तो आपका कुछ नहीं हो सकता. आप कोई बढ़िया 'न्यूज चुन्नल' खोलिए. जंग की तैयारी देखिए. और अगर हो गया यकीन तो फवाद खान के लिए अपने सीने में प्यार बढ़ाइए. और लीजिए जाते-जाते ये गाना सुनिए. फवाद खान की बॉलीवुडिया फिल्म का गाना. बोल हैं: नींद उड़ जावे
चैन छड़ जावे
इश्क दी फकीरी जद लग जावे
ऐ मन करदा है ठगीटोरियां
ऐ मन करदा है सीनाजोरियां... https://www.youtube.com/watch?v=9IzaWBsUhCU
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