The Lallantop

बोतल में पेट्रोल नहीं दिया तो बुलेट की टंकी उखाड़कर पंप पर पहुंच गया, फिर ये बताया!

'मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया था. उसी समय मेरी बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया'

Advertisement
post-main-image
पूर्व पार्षद सुशील तिवारी (फोटो- ट्विटर)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) में पूर्व पार्षद सुशील तिवारी (Sushil Tiwari) का एक वीडियो खूब वायरल (Video Viral) हो रहा है. इमरजेंसी में जब पेट्रोल पंप (Petrol Pump) के लोगों ने उन्हें बोतल में पेट्रोल देने से मना कर दिया तो उन्होंने नया जुगाड़ ढूंढा. सुशील तिवारी अपनी बुलेट की टंकी निकालकर पेट्रोल पंप पहुंच गए और उसमें पेट्रोल भरवाया. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो लोग खूब पसंद कर रहे हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

सुशील तिवारी कानपुर के कुली बाजार में रहते हैं. जब आजतक की टीम वहां उनसे बात करने पहुंची तब वो अपनी उसी बुलेट बाइक से आते हुए दिख गए जिसकी टंकी खोलकर वो पेट्रोल पंप भरवाने गए थे.

जब सुशील कुमार से पूछा गया कि ऐसी क्या इमरजेंसी थी कि बुलेट की टंकी ही निकालना पड़ी तो उन्होंने बताया,

Advertisement

“मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया था. उसी समय मेरी बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया. कोई रास्ता नहीं था तो मैं बोतल में पेट्रोल लेने पहले माल रोड के पेट्रोल पंप पर गया. एक-एक कर सभी पेट्रोल पंपों ने बोतल में पेट्रोल देने से मना कर दिया. इसके बाद मैं घर आया और मैंने तुरंत बुलेट की टंकी खोल डाली. उसको लेकर परमट मंदिर वाले पेट्रोल पंप पर पहुंच गया. वहां मैंने कहा कि अब तो पेट्रोल की टंकी लाया हूं... बोतल नहीं है... इसमें तो दोगे पेट्रोल. फिर मैंने उसमें तीन सौ का पेट्रोल भरवाया. टंकी को बुलेट में सेट किया और अपने दोस्त को देखने गया.”

सुशील तिवारी ने आगे बताया

“सरकार के नियम ठीक है लेकिन जब मजबूर आदमी फंस जाए तो उसको पेट्रोल बोतल में पेट्रोल देना चाहिए.”

Advertisement

सुशील तिवारी अपने किसी दोस्त की स्कूटी लेकर टंकी में पेट्रोल भरवाने गए थे. इसी दौरान का उनका वीडियो खूब वायरल हो रहा है.

इस बारे में पेट्रोल पंप के सुपरवाइजर अवधेस सचान ने जानकारी देते हुए बताया-

“शासन ने बोतल में पेट्रोल देने से मना किया है इसलिए मैंने भी उन्हें मना कर दिया. जब वो बाइक की टंकी लेकर आए तो मैंने पेट्रोल दे दिया.”

उन्होंने आगे कहा कि हम बोतल में पेट्रोल नहीं दे सकते. चाहे दरोगा हो चाहे कोई और. 

देखें वीडियो- कानपुर के स्कूल पर कलमा पढ़वानो का आरोप लगा, फिर शुद्धिकरण के नाम पर गंगाजल छिड़का

Advertisement