संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने (Cash for Query) के आरोपों को लेकर एथिक्स कमेटी ने जांच रिपोर्ट मंजूर कर ली है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) के ऊपर लगे आरोपों पर एथिक्स कमेटी ने 9 नवंबर को मीटिंग में ये फैसला लिया. इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने हिस्सा लिया. 1500 पन्ने की रिपोर्ट के समर्थन में कमेटी के 6 सदस्यों ने वोट किया. जबकि 4 सदस्यों ने इसका विरोध किया.
महुआ मोइत्रा की सांसदी जाने का खतरा बढ़ा, एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट मंजूर
एथिक्स कमेटी कल ही ये रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेगी. उसने सिफारिश की है कि बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से महुआ मोइत्रा के कैश लेन-देन की भी जांच की जाए.
.webp?width=360)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मोइत्रा कमेटी के सामने पेश नहीं हुईं. रिपोर्ट के पक्ष में कांग्रेस की परनीत कौर, शिवसेना के हेमंत गोडसे, बीजेपी के अपराजिता सारंगी, राजदीप रॉय और कमेटी के चेयरमैन विनोद कुमार सोनकर ने वोट किया. जबकि बीएसपी सांसद दानिश अली, सीपीएम नेता पीआर नटराजन, कांग्रेस के वैथिलिंगम और JDU के गिरधारी यादव ने रिपोर्ट का विरोध किया.
रिपोर्ट्स के अनुसार कमेटी अब 10 नवंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को जांच रिपोर्ट भेजेगी. बताया गया है कि कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने की सिफारिश की है.
महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों को लेकर एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद कुमार सोनकर ने कहा,
कमेटी ने सांसदी रद्द करने की सिफारिश की!“मोइत्रा पर जो आरोप थे, उसे लेकर कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की थी. आज की मीटिंग में रिपोर्ट पेश की गई और इस पर चर्चा हुई. कमेटी ने जांच के बाद जो तथ्य पाए हैं, उसकी डिटेल रिपोर्ट बनाकर अपनी सिफारिशों के साथ 10 नवंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास भेजा जाएगा. अब इस मामले में जो भी एक्शन लेना है, वो लोकसभा स्पीकर की तरफ से ही लिया जाएगा.”
मीडिया सूत्रों के मुताबिक एथिक्स कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सांसद महुआ मोइत्रा के व्यवहार को अनैतिक मानते हुए उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है. कमेटी ने कहा कि इस मामले की विधि के मुताबिक, सघन, संस्थागत और समयबद्ध जांच हो. साथ ही ये भी सिफारिश की है कि बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से महुआ मोइत्रा के कैश लेन-देन की भी जांच की जाए.
एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश किए जाने से पहले विपक्षी सदस्य और कांग्रेस सांसद केवी वैथिलिंगम और उत्तम कुमार रेड्डी ने असहमति जताई. दोनों ने मीटिंग में गवाहों को न बुलाए जाने पर आपत्ति की. वहीं, बीजेपी के राजदीप रॉय ने कहा कि विपक्ष के सदस्य इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं. जबकि ये एथिक्स का मामला है. पिछली मीटिंग में मोइत्रा का समर्थन करने वाले बीएसपी सांसद और कमेटी के सदस्य दानिश अली ने सवाल उठाया कि कमेटी के सदस्यों के पास रिपोर्ट पहुंचने से पहले मीडिया में कैसे लीक हो गई?
बता दें कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे. दुबे ने महुआ के एक्स पार्टनर और वकील जय अनंत देहद्राई की लिखी चिट्ठी को आधार बनाकर ये आरोप लगाए थे. जिसके बाद इस मामले को लोकसभा स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया था.
(ये भी पढ़ें: मेकअप, गिफ्ट, गाड़ी... महुआ मोइत्रा पर एथिक्स पैनल की रिपोर्ट से बवाल, सांसदी छीनने का प्रस्ताव)
वीडियो: 'द्रौपदी का चीरहरण...' महुआ मोइत्रा ने दानिश अली के साथ एथिक्स कमेटी से बाहर आकर ये क्यों कहा?



















