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30 मिनट तक भटकते रहे जीतू, मैनेजर से भी लगाई गुहार, बहन का कंकाल लाने वाले मामले में सच आया सामने

Odisha Skeleton Case: ओडिशा के चर्चित बहन का कंकाल लेकर बैंक आने वाले मामले की जांच जारी है. जांच में पता चला कि घटना से पहले पीड़ित जीतू मुंडा ने बैंक अधिकारियों से काफी गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिली.

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जीतू मुंडा (बाएं) अपनी बहन का कंकाल लिए बैंक पहुंच गए थे. (फोटो- इंडिया टुडे)

ओडिशा के केन्दुझर जिले में अपनी बहन का कंकाल कंधे पर लादकर ले जाने वाले शख्स की तस्वीरें वायरल हुई थी. घटना सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए थे. अब तक की जांच में सामने आया है कि पीड़ित जीतू मुंडा की बैंक ने मदद नहीं की थी. राज्य सरकार की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ. जांच में पता चला कि घटना वाले दिन शख्स ने 30 मिनट से ज्यादा समय बैंक में बिताया था और दो बार बैंक मैनेजर से भी मुलाकात की थी. लेकिन इसके बावजूद उसकी किसी ने मदद नहीं की.

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क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल को दियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा अपनी बहन के कंकाल को कंधे पर उठाकर बैंक पहुंच गए थे. उनकी बड़ी बहन कालरा मुंडा की करीब दो महीने पहले बीमारी की वजह से मौत हो गई थी.  जीतू ने अपनी बहन की मौत से पहले उनके अकाउंट में लगभग 19 हजार रुपये जमा करवाए थे. उनका अकाउंट ओडिशा ग्रामीण बैंक की एक लोकल ब्रांच में था. 

बहन के जाने के बाद जीतू उन पैसों को निकालना चाहते थे. कोई और कानूनी वारिस न होने की वजह से वो पैसा निकालने के लिए कुछ दिन पहले बैंक गए, लेकिन उनसे जरूरी दस्तावेज लाने को कहा गया. जैसे कि डेथ सर्टिफिकेट, नॉमिनी की जानकारी और बाकी कागज. लेकिन वो कागज नहीं जुटा पाए. तंग आकर वो अपनी बहन की कब्र पर गए. वहां से उनका कंकाल निकाला और कंधे पर रखकर करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गए. ताकि साबित कर सकें कि बहन अब जिंदा नहीं है. बैंक के बाहर उन्होंने कंकाल रख दिया और वहीं धरने पर बैठ गए. 

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जांच में क्या पता चला?

घटना का वीडियो सामने के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने जांच के आदेश दिए. इसके बाद, नॉर्दर्न डिवीजन के रेवेन्यू डिवीजनल कमिश्नर की अगुवाई में अधिकारियों ने बैंक ब्रांच का दौरा किया. CCTV फुटेज की जांच की और घटनाओं का क्रम समझने के लिए कर्मचारियों से पूछताछ की. टीम मुंडा का बयान दर्ज करने के लिए दियानाली गांव भी गई.

अधिकारियों ने पाया कि जीतू मुंडा और उनकी दिवंगत बहन पहले भी कई बार लेन-देन के लिए बैंक गए थे. घटना वाले दिन, जीतू ने बैंक में 30 मिनट से ज्यादा समय बिताया और दो बार मैनेजर से मुलाकात की. इसके बाद वे परेशान होकर वहां से चले गए. 

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अधिकारियों ने बताया कि CCTV फुटेज से पता चला है कि बैंक में जीतू मौजूद थे. हालांकि, ऑडियो न होने की वजह से बैंक कर्मचारियों और मुंडा के बीच हुई बातचीत का ठीक-ठीक पता लगाना मुश्किल हो गया है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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