एल्विश यादव को रविवार, 17 मार्च को सांपों के जहर की तस्करी वाले मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. नोएडा पुलिस ने इस मामले में उनको पूछताछ के लिए बुलाया था. उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके सूरजपुर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन्हें लुक्सर जेल में रखा जाएगा (Elvish Yadav in snake venom case sent to 14-day judicial custody).
Elvish Yadav को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, लग गया NDPS एक्ट
Elvish Yadav को नोएडा पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया. उनके खिलाफ आईपीसी, वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के साथ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. उन्हें कितनी सजा हो सकती है?
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आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने नोएडा सेक्टर 49 में एल्विश यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था. इसकी विवेचना नोएडा सेक्टर 20 की पुलिस कर रही है. इसमें यूट्यूबर के खिलाफ आईपीसी की धारा 284, 289, 120बी और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 की धारा 9, 39, 48, 49, 50, 51 के तहत केस दर्ज हुआ है. इस मामले में आरोपियों से बरामद स्नेक बेनम को जांच के लिए भेजा गया था. वहां से मिली रिपोर्ट के बाद एनडीपीएस एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गईं.

NDPS Act को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट-1985 कहते हैं. इसे 1988, 2001, 2014 और 2021 में चार बार संशोधित किया गया. इसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों को बनाने, खरीदने-बेचने और सेवन करने वालों के खिलाफ किया जाता है. इसके तहत चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकेन, मॉर्फीन, एलएसडी, एमएमडीए और अल्प्राजोलम आते हैं. इनमें कई ड्रग्स का इस्तेमाल दवाइयों के लिए किया जाता है. लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल प्रतिबंधित है. इसमें 10 से 20 साल तक की सजा और 1 से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट- 1972 में 66 धाराएं और 6 अनुसूचियां हैं. इन अनुसूचियों के तहत वन्यजीवों की सुरक्षा की जाती है. पहली अनुसूची में जंगली जानवरों और पक्षियों को सुरक्षा मिलती है. इस सूची में 43 वन्यजीव शामिल हैं. इनमें बाघ, चीता, भालू, तोता, मोर, बत्तख (कुछ प्रजातियां), तीतर, उल्लू, बाज, ऊंट, बंदर, हाथी, हिरन, सफेद चूहा, सांप, मगरमच्छ, एलिगेटर और कछुआ को पालने पर प्रतिबंध है. इस एक्ट की कई धाराए हैं. इसकी अनुसूची 6 में दुलर्भ पौधों की खेती पर भी रोक लगाई गई है. इस एक्ट के तहत 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है.
Elvish Yadav ने सफाई में क्या कहा था?जब ये मामला सामने आया तो एल्विश ने अपनी ओर से सफाई दी. इंस्टा पर एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने कहा था,
‘मैं सुबह उठा. मैंने मीडिया में न्यूज देखी कि एल्विश यादव नशीले पदार्थ के बिजनेस में शामिल हैं. वो अरेस्ट हो गए हैं. मैं बता दूं कि मेरे खिलाफ जितनी भी चीजें चल रही हैं. वो फेक हैं और मेरा इसमें कोई लेना देना नहीं है. मुझे लेकर जो भी बातें की जा रही हैं, उसमें किसी तरह की सच्चाई नहीं है. आरोपों में मेरा नाम खराब न करें.
मैं यूपी पुलिस के साथ सहयोग करने को तैयार हूं. मैं यूपी पुलिस और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन करना चाहता हूं कि इस चीज में अगर मेरे खिलाफ 1% भी आरोप साबित हुए, तो मैं जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं. मैं सबसे कहना चाहता हूं की प्लीज बिना किसी सबूत के मेरा नाम खराब करने की कोशिश ना करें. मेरा दूर-दूर तक इससे कोई वास्ता नहीं है.’
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इस पूरे मामले में एल्विश यादव ने खुद को निर्दोष बताया था. उनके मुताबिक, इस केस से उनका कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन आजतक के मुताबिक हाल ही में सामने आए एक ऑडियो क्लिप में एल्विश का नाम सामने आया था. ऑडियो में गिरफ्तार आरोपी राहुल यादव ने PFA (मेनका गांधी की संस्था Peoples for Animals) के एक मेंबर को बताया कि उसने एल्विश की पार्टी में ये ड्रग्स पहुंचाया था.














