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'महाराष्ट्र के हित में अब फैसला करने की जरूरत', उद्धव के बयान के बाद शिंदे का जवाब

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे का ट्वीट आया है जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे के संबोधन के बाद जवाब दिया है. ट्वीट में उन्होंने एमवीए सरकार से शिवसेना को हुए नुकसान के बारे में बताया है.

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शिंदे ने ट्वीट कर कहा कि MVA से शिवसैनिकों को भारी नुकसान हुआ. (फोटो- इंडिया टुडे)

महाराष्ट्र के राजनीतिक भूचाल में बुधवार 22 जून को दो बड़े डेवलपमेंट हुए. राज्य के सीएम उद्धव ठाकरे ने लोगों और शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे सीएम पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं. उद्धव ठाकरे के इस बयान कुछ देर बाद शिवसेना के बागी नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एकनाथ शिंदे का ट्वीट आया है. इसे उद्धव ठाकरे के संबोधन के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. ट्वीट में एकनाथ शिंदे ने कहा कि महा विकास अघाडी (एमवीए) के नेतृत्व वाली सरकार से शिवसेना को नुकसान हुआ, लिहाजा अब कुछ निर्णायक करने की जरूरत है.

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एकनाथ शिंदे ने ट्वीट में पॉइंट्स देकर लिखा,

1. पिछले ढाई सालों में एमवीए सरकार ने केवल घटक दलों (कांग्रेस-एनसीपी) को फायदा पहुंचाया है और शिवसैनिकों को भारी नुकसान हुआ.
2. इससे घटक दल मजबूत हो रहे हैं, शिवसेना का व्यवस्थित रूप से गबन किया जा रहा है.
3. पार्टी और शिवसैनिकों के अस्तित्व के लिए अस्वाभाविक मोर्चे से बाहर निकलना जरूरी है.
4. महाराष्ट्र के हित में अब निर्णय लेने की जरूरत है.

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इसके साथ ही एकनाथ शिंदे ने अपने ट्वीट में #HindutvaForever हैशटैग का इस्तेमाल भी किया है.

उद्धव क्या बोले?

शिंदे से पहले महाराष्ट्र के सीएम ने महाराष्ट्र की जनता और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. बुधवार 22 जून की शाम को एक यूट्यूब लाइव के ज़रिए उद्धव ठाकरे ने शिवसेना में हुई उथल-पुथल पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री के साथ पार्टी प्रमुख का पद भी छोड़ने को तैयार हैं. लेकिन उसके लिए एक शर्त है.

उद्धव ठाकरे ने कहा,

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ये बात सच है कि मैं अपनी सर्जरी और ख़राब स्वास्थ्य की स्थिति की वजह से पिछले कुछ महीनों में लोगों से नहीं मिल सका हूं. लेकिन मैंने अब लोगों से मिलना शुरू कर दिया है. मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं, मेरी कोई मजबूरी नहीं है, मैं किसी पर निर्भर नहीं हूं. मैं ये नहीं जानना चाहता कि हमारे विधायकों के साथ क्या हो रहा है और वे कहां जा रहे हैं या उन्हें कहां ले जाया जा रहा है. अगर कोई विधायक चाहता है कि मैं मुख्यमंत्री ना रहूं तो मैं 'वर्षा' (मुख्यमंत्री आवास) से मातोश्री जाने के लिए तैयार हूं. लेकिन जब मेरे विधायक ही ऐसा नहीं चाहते तो मैं क्या कर सकता हूं.

इस बीच बीजेपी की भी प्रतिक्रिया आई. महाराष्ट्र के संकट पर केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि ये सब शिवसेना का अंदरूनी मामला है, इस सबसे बीजेपी का कुछ भी लेना-देना नहीं है. दानवे ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में बनाने का कोई दावा नहीं कर रही है, और ना ही उनकी किसी भी तरह की कोई बात एकनाथ शिंदे से हुई है. केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि ये सरकार खुद ही गिरेगी.
 

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