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नेपाल में आया भूकंप, झटके पटना तक महसूस हुए, जेल से भागने की कोशिश में कैदी ने हाथ तुड़वा लिया

Nepal Earthquake: भूंकप के कारण नेपाल में एक जगह पर भूस्खलन हुआ. लोगों की नींद टूट गई. पटना में भी करीब आधे मिनट के लिए झटके महसूस हुए.

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नेपाल में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया. (तस्वीर: NCS)

नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तरी हिस्से में 6.1 तीव्रता का भूकंप (Kathmandu Earthquake) आया. पूरे हिमालय क्षेत्र में कंपन महसूस किया गया. इसके झटके बिहार में पटना के आसपास के इलाकों में भी महसूस हुए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप सिंधुपालचोक जिले में भैरव कुण्डा के आसपास आया था. ये इलाका तिब्बत बॉर्डर पर हिमालय माउंटेन रेंज के पास है.

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भूकंप का समय 28 फरवरी की सुबह के 2:36 बजे बताया गया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस ने इसकी तीव्रता 5.6 और गहराई 10 किलोमीटर बताई है. वहीं, यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी तीव्रता 5.5 आंकी.

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कितना खतरनाक होता है 6.1 स्केल का भूकंप?

6.1 मैग्नीट्यूड का भूकंप शक्तिशाली माना जाता है. इससे काफी नुकसान हो सकते हैं, खासकर भूकंप के केंद्र के पास. इमारतें हिल सकती हैं और उनमें दरारें पड़ना पड़ सकती हैं. हालांकि, इस मामले में खबर लिखे जाने तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है.

नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ‘गणेश नेपाली’ ने रॉयटर्स को बताया , 

हमारी नींद टूट गई. हम घर से बाहर निकल आए. लोग अब अपने घरों को लौट चुके हैं. हमें अब तक किसी नुकसान या चोट की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.

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भोटे कोशी ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष पासंग नूरपु शेरपा ने बताया,

भूकंप के कारण नदी के उस पार दुगुनागडी भीर में भूस्खलन हुआ है. उसके आसपास कोई घर नहीं है.

भूकंप का केंद्र भी इसी जगह के आसपास था. 

ये भी पढ़ें: दिल्ली भूकंप का ये वीडियो खूब वायरल है, फिर सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस क्यों छिड़ी है

जेल से भागने की कोशिश

सिंधुपालचोक के जिला गवर्नर किरण थापा ने कहा, 

जिला जेल के एक कैदी ने भूकंप के बाद भागने की कोशिश करते हुए अपना हाथ तोड़ लिया और अब अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. कोडारी में एक पुलिस चौकी की इमारत में मामूली दरारें आ गई हैं.

पटना में लोगों ने इमारतों और छत के पंखों को हिलते हुए देखा. सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी शेयर किए गए. 

एक यूजर ने लिखा कि पटना में भूकंप के झटके लगभग 35 सेकंड तक रहे. इसी साल जनवरी महीने में तिब्बत के हिमालय वाले क्षेत्र में कई बार भूंकप आए थे. इनमें सबसे शक्तिशाली भूंकप की तीव्रता 7.1 मापी गई थी, जिसमें 125 से अधिक लोगों की जान चली गई.

वीडियो: तिब्बत भूकंप में सैकड़ों लोगों की मौत, भूकंप के बाद की तस्वीरें काफी भयानक हैं!

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