के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आतंकियों में से एक का नाम नवीद अहमद शाह उर्फ़ नवीद बाबू है, जबकि दूसरे की पहचान रफ़ी अहमद के तौर पर हुई है. अरेस्ट किए गए डीएसपी का नाम देविंदर सिंह है. वे श्रीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात थे. डीएसपी देविंदर सिंह कश्मीर में लंबे समय से काउंटर-टेरर ऑपरेशन का हिस्सा रहे हैं. 2019 में 15 अगस्त को उन्हें प्रेसिडेंट मेडल से भी सम्मानित किया गया था.
नवीद बाबू एक वक्त पुलिस में काम करता था. सूत्रों के अनुसार, नवीद बाबू के नीचे 30 आतंकी काम करते हैं. उसपर सेना के कई जवानों और गैर-स्थानीय कामगारों की हत्या का आरोप है. अधिकारियों का कहना है कि डीएसपी देविंदर सिंह इन दोनों आतंकियों को घाटी से बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे. वहीं डीएसपी का दावा है कि उन्होंने दोनों आतंकियों को सरेंडर करने के लिए तैयार कर लिया था. पूछताछ के दौरान, आतंकियों ने सरेंडर की बात से इंकार किया है. दोनों का कहना है कि वे जम्मू में दो महीने के लिए कैंप में जा रहे थे. कार के ड्राइवर इरफ़ान को भी गिरफ्तार किया गया है. उसे भी आतंकी घटनाओं में शामिल बताया जा रहा है.

डीआईजी अतुल गोयल ने निरीक्षण के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग के पास कार रुकवाई थी. (सांकेतिक तस्वीर)
अरेस्ट के बाद डीएसपी के घर पर पड़ी रेड
अरेस्ट करने के बाद श्रीनगर के बादामी बाग में डीएसपी के घर पर छापेमारी की गई. इस छापेमारी में देविंदर सिंह के घर से एक AK-47 और दो पिस्टल बरामद किए गए हैं. दूसरी राइफ़ल और एक पिस्टल नवीद बाबू की निशानदेही पर बरामद हुआ है.
पुलिस का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि आतंकी एक पुलिस अफ़सर की मदद से दिल्ली जाने की तैयारी क्यों कर रहे थे. ख़बर ये भी है कि शनिवार, 11 जनवरी को डीएसपी अपनी ड्यूटी पर नहीं आए थे और अगले दिन से उनकी चार दिनों की लीव शुरू होने वाली थी.
अफ़ज़ल गुरु की चिट्ठी का कनेक्शन
डीएसपी देविंदर सिंह का नाम 2013 में भी खूब चर्चा में था. 18 फरवरी 2013 की इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट
है. इस रिपोर्ट में संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु की एक चिट्ठी का ज़िक्र है. इस चिट्ठी में दावा किया गया कि जम्मू-कश्मीर के हमहामा के उस वक्त के डीएसपी देविंदर सिंह ने कैसे उसे संसद हमले के दूसरे आरोपी मोहम्मद को दिल्ली ले जाने के लिए कहा था. साथ ही, अफ़ज़ल गुरु को मोहम्मद के दिल्ली में रहने की व्यवस्था और उसके लिए एक कार खरीदने के लिए कहा गया था. ये वही देविंदर सिंह हैं, जिन्हें 11 जनवरी 2020 को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया है.
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