
इस स्टेशन से दो किलोमीटर दूर पटरी की चाबी खोली गई थी.
मामला फरीदाबाद के न्यू टाउन स्टेशन के पास का है. तारीख थी 4 अक्टूबर. दोपहर के सवा दो बज रहे थे. रेलवे की पटरी नंबर दो पर किलोमीटर 1506 के पास रेलवे कर्मचारी रामदयाल गश्त कर रहे थे. उसी दौरान उन्होंने एक शख्स को पटरी पर देखा. वो उसके पास पहुंचे, तो देखा कि उसके पास एक झोला था, जिसमें रेलवे की पटरी को जोड़ने वाली 40 चाबियां थीं. बात करने पर पता चला कि वो शख्स शराब का आदी है. उसके पास शराब खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं. इसलिए उसने रेलवे ट्रैक की चाबियां खोल ली हैं, जिन्हें बेचकर वो शराब खरीदने वाला है. रामदयाल ने उससे चाबियां वापस मांगी तो शराबी ने उनसे हाथापाई कर दी, हालांकि रामदयाल चाबियां छीनने में सफल रहे. जब तक आरपीएफ को सूचना दी जाती, शराबी मौके से फरार हो गया था.
तो पटरी से उतर जाती ट्रेन

इसी ट्रेन को ट्रैक से गुजरना था.
जिस वक्त शराबी ने चाबियां खोली थीं, उसके ठीक बाद पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल एक्सप्रेस को उसी ट्रैक से गुजरना था. अगर ट्रैक में चाबियां नहीं लगी होतीं, तो उत्कल एक्सप्रेस बेपटरी हो सकती थी. हादसे में कितना जान-माल का नुकसान होता, ये बताने के लिए पिछले रेल हादसे काफी है. रामदयाल ने वक्त रहते शराबी से चाबियां छीन लीं थी. उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना देने के साथ ही साथियों की मदद से ट्रैक की चाबियां लगाईं और उत्कल एक्सप्रेस को सही सलामत गुजरने दिया.
शराब पीने के लिए पैसे न होने पर रेलवे ट्रैक की चाबी खोल लेना ये बताता है कि शराब की लत कैसी होती है. ये आपके शरीर को तो नुकसान पहुंचाती ही है, लत बेकाबू होने पर ऐसे काम करने को भी मजबूर कर देती है कि आप किसी के लिए खतरा बन सकते हैं. इस शराबी के साथ भी यही हुआ. उसने खुद की प्यास बुझाने के लिए ऐसा कर दिया कि सैकड़ों लोगों की जान पर बन आई.
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