अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान जंग में परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि जंग में अमेरिकी सुरक्षा बल ने ईरान का पहले ही काफी नुकसान कर दिया है. ऐसे में परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ट्रंप पहले भी ये दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ईरान के नेवी और एयर फोर्स को बहुत हद तक कमज़ोर कर दिया है. एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास ज़्यादा समय नहीं है, जल्द ही डील कर लेनी चाहिए.
'मैं नहीं, ईरान जंग रोकने को बेचैन है... ', ट्रंप ने युद्धविराम पर नया दावा किया
Trump on Iran war: डॉनल्ड ट्रंप ने ये भी कहा है कि ईरान जंग में न्यूक्लियर वेपन का इस्तेमाल नहीं होगा. उन्होंने बताया कि कूटनीतिक स्तर पर वे ईरान से डील करने में जल्दबाज़ी नहीं करना चाहते हैं. वे ईरान के साथ एक स्थायी डील चाहते हैं.


वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैं क्यों न्यूक्लियर हथियार इस्तेमाल करूंगा? न्यूक्लियर हथियार कभी किसी को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.' ट्रंप का कहना है कि कूटनीतिक स्तर पर वे ईरान से डील करने में जल्दबाज़ी नहीं करना चाहते हैं. वे ईरान के साथ एक स्थायी डील चाहते हैं.
डॉनल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट में उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया कि ट्रंप जंग ख़त्म करने के लिए आतुर हैं. कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थान जैसे ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘CNN’ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,
‘मेरे पास दुनियाभर का टाइम है, लेकिन ईरान के पास टाइम नहीं है. उनकी नेवी समुद्र के अंदर धंस चुकी है, एयर फोर्स तबाह हो चुका है और एंटी-एयर डिफेन्स सिस्टम और रडार भी नष्ट हो चुके हैं. ऐसा नहीं है कि मैं जंग रोकने के लिए बेचैन हूं. आपको ये जानना चाहिए कि ईरान के पास समय नहीं है. और ऐसे में ब्लॉकेड ईरान पर और भारी पड़ रहा है.’

एक तरफ ट्रंप स्थायी पीस डील की इच्छा जता रहे हैं. दूसरी ओर अमेरिकी विमानवाहक पोत (aircraft carrier) तैनात कर रहे हैं. US जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ऑपरेशन क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है. और इस तरह युद्ध में अस्थायी विराम के बीच इस क्षेत्र में तैनात होने वाला ये तीसरा अमेरिकी विमानवाहक पोत बन गया है. यह विमानवाहक पोत वर्तमान में हिंद महासागर में है, जबकि US अब्राहम लिंकन अरब सागर में और US गेराल्ड आर. फोर्ड लाल सागर में तैनात है.
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