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डॉनल्ड ट्रंप ने अपने समधी को बनाया अरब और मिडिल ईस्ट मामलों का वरिष्ठ सलाहकार

Donald Trump ने Massad Boulos को अरब और मिडिल ईस्ट मामलों का वरिष्ठ सलाहकार चुना है. मसाद बोलस ट्रंप की बेटी टिफनी के ससुर हैं.

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मसाद बोलस डॉनल्ड ट्रंप के समधी हैं. (फोटो: इंडिया टुडे)

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति Donald Trump ने लेबनानी-अमेरिकी व्यवसायी मसाद बोलस को अरब और मिडिल ईस्ट मामलों पर अपना वरिष्ठ सलाहकार चुना है. ट्रंप ने इसकी सूचना अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर 1 दिसंबर को दी. मसाद बोलस (Massad Boulos) ट्रंप की बेटी टिफनी के ससुर हैं. हाल के दिनों में ये दूसरी बार है, जब ट्रंप ने किसी रिश्तेदार को अपनी टीम में शामिल किया है. इससे पहले उन्होंने अपनी बेटी इवांका के ससुर चार्ल्स कुशनर को फ्रांस में अगला अमेरिकी राजदूत चुनने की घोषणा की थी.

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉनल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी कर मसाद बोलस के व्यावसायिक अनुभव और अपने राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन में उनके योगदान की प्रशंसा की. ट्रंप ने लिखा, 

“मसाद एक माहिर वकील और व्यापार जगत में बहुत सम्मानित व्यक्ति हैं. उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंचों का व्यापक अनुभव है. वे लंबे समय से रिपब्लिकन और कंजरवेटिव मूल्यों के समर्थक रहे हैं, मेरे कैंपेन के लिए एक एसेट रहे हैं और अरब अमेरिकी समुदाय के साथ नए गठजोड़ बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.”

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डॉनल्ड ट्रंप की पोस्ट का स्क्रीनशॉट

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बोलस ने डॉनल्ड ट्रंप के कैंपेन में अनौपचारिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बोलस ने मिशिगन के अरब अमेरिकी और मुस्लिम बहुल इलाकों में उनके लिए समर्थन जुटाने का काम किया था. बोलस पहले भी ट्रंप और मिडिल ईस्ट के नेताओं के बीच अनौपचारिक तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभा चुके हैं. सितंबर में उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान फिलिस्तीनी प्राधिकरण के नेता महमूद अब्बास से मुलाकात की थी. इससे पहले उन्होंने जुलाई में अब्बास के लिखे खत ट्रंप तक पहुंचाए थे. 

हालांकि, अभी सार्वजनिक तौर पर बोलस की भूमिका के बारे में डिटेल्स सामने नहीं आई हैं. लेकिन उनकी नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि ट्रंप प्रशासन के सामने मिडिल ईस्ट में कई चुनौतियां होंगी. इसमें इजरायल और हमास के बीच 1 साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध के कारण गाजा में मानवीय संकट और विद्रोही गुटों द्वारा सीरिया में अप्रत्याशित सफलता हासिल करने के बाद वहां आई अस्थिरता से निपटने जैसी चुनौतियां शामिल हैं.

इस बीच लेबनान के नेताओं से मसाद बोलस के राजनीतिक संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं. AP और कई लेबनानी आउटलेट्स के मुताबिक, बोलस ने 2009 में लेबनान की संसद में सीट मांगी थी. उन्होंने खुद को लेबनान के राष्ट्रपति पद के कैंडिडेट का दोस्त बताया था, जिसे उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह का समर्थन प्राप्त था. हालांकि, न्यूजवीक के साथ बातचीत में बोलस ने लेबनान की संसद के लिए चुनाव लड़ने या वहां कि किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने से इनकार किया है.

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मसाद बोलस कौन हैं?

मसाद का जन्म लेबनान में हुआ था. हालांकि, वो किशोर अवस्था में ही अपने परिवार के साथ टेक्सास आ गए थे. यहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन से लॉ की डिग्री ली और अमेरिकी नागरिकता हासिल की. मसाद के बेटे माइकल और ट्रंप की बेटी टिफनी की शादी साल 2022 में हुई थी. टिफनी ट्रंप और उनकी दूसरी पत्नी मार्ला की बेटी हैं.

इजरायल के पक्ष में रही हैं ट्रंप की नीतियां

राष्ट्रपति के तौर पर डॉनल्ड ट्रंप की नीतियां इजरायल के पक्ष में रही हैं. उन्होंने कई ऐसी नीतियां पेश कीं, जो अक्सर मिडिल ईस्ट के दूसरे नेताओं को अलग-थलग करने वाली थीं. उन्होंने येरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी और अमेरिकी दूतावास को वहां शिफ्ट किया. फिलिस्तीनी शरणार्थियों का समर्थन करने वाली संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को दी जाने वाली सहायता में कटौती की. साथ ही, इजरायल और अरब राज्यों के बीच कई ऐसे समझौतों का प्रस्ताव रखा, जिसमें फिलिस्तीनी राज्य को सुरक्षित रखने का कोई प्रावधान शामिल नहीं था. 

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