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UAE पर ईरान का फिर बड़ा मिसाइल अटैक, 30 दिन की शांति के बाद मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका भले ही एक-दूसरे पर हमले कर रहे हों, लेकिन तनाव बढ़ने से नुकसान दोनों का है. और दोनों इस बात को बखूबी समझ चुके हैं. गोलीबारी के बावजूद, दोनों ने संकेत दिया कि वे कोई बड़ा टकराव नहीं चाहते हैं.

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अमेरिकी जंगी जहाजों पर ईरान ने हमले किए हैं (PHOTO-US Navy)

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटता हुआ दिख रहा है. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं. साथ ही दोनों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप भी लगाया है. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं. ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिकी नेवी के 3 जंगी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर रहे थे.

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US सेंट्रल कमांड का कहना है कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान की उन सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने के लिए कर रहा था. अमेरिकी सेना ने कहा कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए है. अमेरिकी सेना ने इस बात पर जोर दिया कि वो तनाव बढ़ाना नहीं चाहते. उन्होंने यह भी कहा कि ये कार्रवाई ईरान के हमले का सीधा जवाब थी. दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका पर हवाई हमलों के दौरान आम नागरिकों वाले इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की सेना के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि ये हमले ईरानी इलाके में हुए. साथ ही होर्मुज में घुस रहे दो जहाजों को भी निशाना बनाया गया. ईरान की सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि तनाव बढ़ने के बाद तेहरान में लगे एयर डिफेंस सिस्टम्स को एक्टिव कर दिया गया था. इन सभी हमलों के बाद से एक बार फिर से वेस्ट एशिया में जंग का खतरा मंडराने लगा है.

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Trump की Iran को चेतावनी

इन हमलों के बीच प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलावरों को खत्म कर दिया है और तेहरान को आगे कोई भी उकसाने वाली हरकत न करने की चेतावनी जारी कर दी. ट्रंप ने कहा, 

‘अगर ईरान जल्द ही किसी समझौते पर राजी नहीं होता, तो हम उन्हें और भी जोरदार और हिंसक तरीके से खत्म कर देंगे. सीजफायर अभी भी लागू है. ईरान हमारे साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है.’

तनाव बढ़ने पर कोई देश सहमत नहीं

ईरान और अमेरिका भले ही एक-दूसरे पर हमले कर रहे हों, लेकिन तनाव बढ़ने से नुकसान दोनों का है. और दोनों इस बात को बखूबी समझ चुके हैं. गोलीबारी के बावजूद, दोनों ने संकेत दिया कि वे कोई बड़ा टकराव नहीं चाहते हैं. ईरानी अधिकारियों ने बाद में कहा कि स्थिति सामान्य हो गई है, जबकि अमेरिका ने भी दोहराया कि वह इस क्षेत्र में तनाव बढ़ाना नहीं चाहता. ट्रंप ने तो ईरान पर हमले को प्यार की थपकी बता दिया. ABC से बातचीत के दौरान ट्रंप ने भी इस टकराव को कम करके दिखाने की कोशिश की. उन्होंने कहा, यह तो बस प्यार से किया गया एक हल्का सा वार है.

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वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप का प्रोजेक्ट फ्रीडम कैसे फेल हो गया?

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