अजित पवार (Ajit Pawar) समेत 9 बड़े NCP नेता बीजेपी-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए हैं. अब इन सभी के खिलाफ NCP ने अयोग्यता याचिका (Disqualification Petition) दायर कर दी है. इस बात की जानकारी महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष जयंत पाटिल (Jayant Patil) ने दी है. उन्होंने बताया कि अयोग्यता याचिका महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को भेजी गई है. खबर है कि एक मेल चुनाव आयोग को भी भेजा गया है. उसमें बताया गया कि NCP रैंक और फाइल, पार्टी के हेड शरद पवार के पास है.
अजित पवार और बाकी विधायकों ने बगावत तो कर दी, लेकिन अब NCP ने ये टेंशन दे दी!
शिंदे सरकार में शामिल हुए अजित पवार और बाकी के 8 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है.


पार्टी ने ये फैसला NCP प्रमुख शरद पवार के नेतृत्व में लिया है. जयंत पाटिल ने दो जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,
9 विधायक एक पार्टी नहीं हो सकते. इन विधायकों का शपथ लेना पार्टी लाइन के खिलाफ है. उन्होंने NCP प्रमुख की अनुमति के बिना शपथ ली है. 9 विधायक तकनीकी तौर पर पार्टी से अयोग्य करार दिए गए हैं. हमने विधानसभा स्पीकर से जल्द से जल्द सुनवाई करने की रिक्वेस्ट की है.

उन्होंने आगे कहा,
NCP के इन विधायकों को गद्दार नहीं कहा जा सकता क्योंकि उनका विश्वासघात अब तक साबित नहीं हुआ है. कई लोग हमारे संपर्क में हैं .
इसी प्रेस कॉन्फेरेंस में NCP की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं. उन्होंने कहा,
हमें राष्ट्रवादी भ्रष्ट पार्टी कहने वाली बीजेपी हमारे नेताओं का स्वागत कर रही है. कैसे? उनसे पूछना चाहिए… अजित पवार के विचार अलग हो सकते हैं लेकिन मैं अपने बड़े भाई से कभी नहीं लड़ सकती. मैं हमेशा उन्हें एक बहन की तरह प्यार करूंगी. अजित पवार हमेशा मेरे बड़े भाई रहेंगे चाहे कुछ भी हो जाए.
वो बोलीं कि NCP हमारा परिवार है और वो इसमें दो दशकों से काम कर रही हैं. अजित पवार से उनके रिश्ते नहीं बदलेंगे.
शिंदे सरकार में शामिल हुए अजित पवारकई महीनों से चल रही अटकलों के बाद NCP नेता अजित पवार महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए. अजित पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बन गए हैं. 2 जुलाई को पवार के साथ छगन भुजबल सहित 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद अजित पवार ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि उन्हें NCP के सभी लोगों का आशीर्वाद मिला हुआ है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस में सब आते हैं और सभी विधायक उनके साथ हैं. अजित पवार ने जोर देकर कहा था 'सभी का मतलब सभी साथ' हैं.
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