The Lallantop

रिश्तेदार से गोद ली हुई लड़की का 6 महीने तक दिल्ली में रेप करते रहे बाप-बेटे

एक पल रुककर उस मां-बाप के बारे में सोचिए जिन्होंने भरोसा किया और अपने जिगर का एक टुकड़ा किसी और को दे दिया.

Advertisement
post-main-image
'निर्भया रेप केस' दिल्ली की शान में एक बदनुमा दाग था, दाग है. उसी पर आधारित एक वेब सीरीज़ आई थी नेटफ्लिक्स पर - डेल्ही क्राइम. ये सांकेतिक तस्वीर उसी के यू ट्यूब ट्रेलर का स्क्रीन ग्रैब है.
लोगों ने अच्छे काम करने इसलिए बंद कर दिए क्यूंकि क्या पता जिसकी भलाई कर रहे हों वो कैसा निकले? हम लोग बुरे इंसान नहीं हैं लेकिन फिर भी रात को किसी को लिफ्ट नहीं देते, किसी अंजान को घर नहीं आने देते.ये तो थी जब हम भलाई कर रहे होते हैं. लेकिन अगर कोई हमारा भला कर रहा होता है तो भी हम सौ बार सोचते हैं. ट्रेन में किसी अजनबी के हाथ का खान नहीं खाते. कोई मदद के लिए हाथ बढ़ाता है तो उसपर शक करने लगते हैं कि उसका इसमें क्या फायदा है? किसी एनजीओ को देखर नाक भौं सिकोड़ने लगते हैं, कि ये औरों की भलाई तो बाद में करते होंगे पहले अपना पेट भर लेते होंगे. तो जब हम किसी की भलाई करते हैं, या जब कोई हमारी भलाई करता है तो हमारा उस दूसरे पक्ष को शक की निगाह से देखना गलत है क्या? क्यूंकि हम तो दरअसल अच्छे इंसान हैं. मैं बताऊं आपको ये बिलकुल गलत नहीं है. क्यूंकि ये दुनिया चाहे जितनी भी अच्छी प्रोजेक्ट की जाए लेकिन इसकी दुनिया का कोई एक इंसान गिरने की किन-किन सीमाओं को तोड़कर उसके पार जा सकता है, अब इसके बारे में कोई भी निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकता. अगर मैं आपको इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के बारे में बताऊंगा तो आप अपने को माफ़ कर सकोगे उन सभी क्षणों के लिए कि जब किसी का भला करते हुए या किसी से फेवर लेते हुए आपने उसे शक की निगाहों से देखा था. तो खबर शब्दों के हिसाब से छोटी सी है, लेकिन प्रभाव के आधार पर 'रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर' होने के चलते बहुत बड़ी और बहुत घिनौनी है -
दिल्ली शहर. यहां रहते थे 37 साल के बेटे और उसका एक बाप. इन्होंने एक लड़की गोद ली. ये दो साल पहले की बात है. दरअसल जिस 37 साल के बेटे की हम बात कर रहे हैं उसकी कोई संतान नहीं हो रही थी तो उसने अपनी साली की लड़की गोद ले ली. लड़की, जो गोद ली गयी थी, नाबालिग थी. तब 8-9 साल की रही होगी. अब हुआ क्या कि 37 साल के बेटे की पत्नी मर गई. यानी नाबालिग लड़की की मौसी मर गई. घर में बचा अधेड़ बेटा, उसका बूढ़ा बाप और गोद ली हुई नाबालिग बेटी. फिर 2018 के दिसंबर से इन दोनों बाप-बेटों का वो घृणित काम शुरू हुआ जिसे सुनकर इंसानियत शर्मशार हो जाए. नैतिकता और मानवीयता आत्महत्या कर ले. इन लोगों ने उस नाबालिग लड़की के साथ रेप करना शुरू कर दिया.
इस न्यूज़ में आगे बढ़ें उससे पहले एक पल रुककर उस मां-बाप की सोचिए जिन्होंने भरोसा किया और अपने जिगर का एक टुकड़ा किसी और को दे दिया. एक पल रुककर सोचिए कैसे कष्टों से गुज़री होगी वो मासूम. जिसके हर पल को सोचकर ये खबर लिखते हुए मेरे हाथ कांप रहे हैं. एक दिन लड़की ने अपनी असली मां को ये सब बता दिया. लड़की की असली मां ने फिर ये सब पुलिस को बता दिया. एफआईआर हुई. पुलिस ने दुष्ट बाप-बेटे को गिरफ्तार कर लिया. नाबालिग की मेडिकल जांच में भी रेप की पुष्टि हो गई. दिल्ली कोर्ट ने दोनों को 2 हफ्ते की न्यायिक हिरासत  में भी भेज दिया है. वैसे तो ये सब कुछ इतना बुरा है कि इसमें से कुछ भी जोड़ा या घटाया जाए तो इसकी इंटेसिटी कम न होगी. लेकिन खबर को पूरी करने और बाप-बेटे के जाहिलपन को और ज़्यादा प्रॉमिनेंट करने के लिए आपको ये भी अंत में बता दें कि नाबालिग लड़की ने इन दोनों पर ये आरोप भी लगाया है कि उन्होंने उसके साथ मारपीट की और उसके माता-पिता और उसके तीन भाई-बहनों को मारने की धमकी दी. कई बार उसे खाने को भी नहीं दिया गया और अपने रियल मम्मी-पापा से बात करने की भी अनुमति नहीं दी.
वीडियो देखें -

'पानी की जगह हम लोग को गंगाजल मिल गया..जय श्रीराम'':

Advertisement

Advertisement
Advertisement