दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन्होंने 14 दिसंबर को 21 साल के एक युवक की गला काटकर हत्या की, फिर मर्डर का 37 सेकंड का वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर को भेजा.
प्रूव करना था, बंदे को पकड़कर गला काटा, 8 टुकड़े किए, वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेज दिया
दिल्ली पुलिस ने लाश के छह टुकड़े बरामद कर लिए हैं


पुलिस के मुताबिक इन दोनों का हैंडलर सोहेल लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़ा हुआ है. आरोपी नौशाद (56) और जगजीत सिंह (29) ने उसका भरोसा जीतने के लिए मर्डर किया.
कैसे की हत्या?इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने बताया कि 14 दिसंबर, 2022 की रात को नौशाद और जगजीत को आदर्श नगर के एक पार्क में 21 साल का एक युवक मिला. युवक कथित तौर पर ड्रग एडिक्ट था. दोनों उस युवक को बहला-फुसलाकर अपने किराए के मकान में ले गए. नौशाद और जगजीत ने पहले उसका गला घोंटा, फिर सिर धड़ से अलग कर दिया. इसके बाद उन्होंने युवक के शरीर के आठ टुकड़े किए. इस दौरान एक वीडियो भी बनाया. इसके बाद कटी हुई लाश को एक तालाब में फेंक दिया.
पुलिस ने शनिवार, 14 जनवरी को दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके से मृतक युवक के शरीर के छह टुकड़े और कुछ कपड़े बरामद किए. घटना के दौरान बनाया गया वीडियो भी पुलिस को मिला है. हालांकि दिल्ली पुलिस के मुताबिक अभी तक मरने वाले युवक की पहचान नहीं हो पाई है. लाश के टुकड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
नौशाद और जगजीत का आतंकियों से कैसे संपर्क हुआ?इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने कहा कि नौशाद को पहली बार 1991-1992 में जहांगीरपुरी में एक मर्डर के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उसे तिहाड़ जेल में रखा गया था. वहां उसकी मुलाकत लश्कर-ए-तैयबा के मोहम्मद आरिफ से हुई. आरिफ साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले के मामले में अरेस्ट हुआ था.
दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने आगे बताया,
'नौशाद 2011 में जेल में ही सोहेल से भी मिला था, इस दौरान वो कट्टरपंथी बन गया. सोहेल साल 2013 में जेल से छूटा और पाकिस्तान चला गया. 2018 में नौशाद भी जेल से बाहर आ गया, लेकिन दो साल बाद उत्तराखंड से जबरन वसूली के एक मामले में उसे फिर गिरफ्तार कर लिया गया. इस बार जब वो जेल गया तो वहां उसकी मुलाकात कनाडा के गैंगस्टर अर्शदीप सिंह गिल के साथी जगजीत सिंह से हुई. इसके बाद जगजीत उसका दोस्त बना गया.'
पुलिस के मुताबिक अप्रैल 2022 में नौशाद जेल से फिर बाहर आया तो उसने पाकिस्तान में बैठे सोहेल से संपर्क साधा. कुछ समय बाद जगजीत भी पैरोल पर बाहर आ गया और नौशाद ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से उसकी भी जान पहचान करवा दी.
इस दौरान सोहेल ने नौशाद के बैंक अकाउंट में 2 लाख रुपए भेजे. ये रुपए कतर में रह रहे नौशाद के बहनोई के जरिए उसके अकाउंट में डाले गए थे. इसके बाद सोहेल ने नौशाद को हिंदू नेताओं को निशाना बनाने का काम दिया. वहीं जगजीत को पंजाब में आतंकी ग्रुप बब्बर खालसा के लिए काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई.
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