'छपाक'. ये सुनते ही पानी के बारे में सोचने लगते हैं. लेकिन अब 'छपाक' के मायने बदल गए हैं. अब 'छपाक' का मतलब है तेजाब. शरीर जला देने वाला तेजाब. 10 जनवरी को मेघना गुलजार की फिल्म 'छपाक' रिलीज हुई है. ये फिल्म लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी की कहानी दिखाती है. वो लक्ष्मी जिनपर 2005 में उनसे दोगुने उम्र के शख्स ने तेजाब फेंक दिया था. लक्ष्मी तब 15 साल की थीं. और वो आदमी उनसे शादी करना चाहता था.
'छपाक' की टीम सड़कों पर तेज़ाब खरीदने निकली, असलियत देख उनके होश उड़ गए
24 घंटे में जो नतीजे सामने आए वो दहलाने वाले हैं.



लक्ष्मी अग्रवाल.
'छपाक' ने तेजाब की बिक्री और तेजाब हमलों को लेकर बहस छेड़ दी है. लक्ष्मी ने 2006 में तेजाब की खुली ब्रिकी पर रोक लगाने के लिए एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की थी. 2013 में सुप्रीम कोर्ट पीआईएल के पक्ष में अपना फैसला सुनाया. एसिड अटैक के लिए मार्च 2013 में अलग धाराएं 326A और 326B बनाई गईं.
नए नियमों के तहत-
1. 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को एसिड नहीं बेचा जा सकता है. 2. एसिड खरीदने के लिए एक पहचान पत्र दिखाना होगा. 3. पहचान पत्र के साथ तेजाब खरीदार को एड्रेस साबित करने वाला प्रमाण पत्र भी दिखाना होगा. 4. तेजाब विक्रेता के पास तेजाब बेचने का लाइसेंस होना चाहिए. 5. तेजाब की हर एक बिक्री की जानकारी दुकानदार को पुलिस के पास जमा करानी होगी.

फिल्म छपाक के एक सीन में दीपिका पादुकोण.
हालांकि ये नियम किस हद तक फॉलो किए जा रहे हैं, इसका हालिया उदाहरण 'छपाक' की टीम का ही एक वीडियो है. जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दीपिका पादुकोण और 'छपाक' की टीम ने ये जानने के लिए कि फुटकर तेजाब की ब्रिकी रुकी है या नहीं, एक स्टिंग ऑपरेशन किया. इसके लिए उन्होंने कुछ आर्टिस्ट को चुना. इनमें से एक गृहस्थी वाला शख्स, एक हाउस वाइफ, एक कॉलेज स्टूडेंट, एक सड़क छाप गुंडा, एक को प्लमर, एक बिजनेसमैन, एक को नशेड़ी के किरदार में अलग-अलग दुकानों पर तेजाब खरीदने को भेजा.
वीडियो में देखा जा सकता है कि सिर्फ कुछेक दुकानदारों ने तेजाब बेचने से पहले ग्राहक से आईडी कार्ड मांगा. वहीं ज्यादातर दुकानदारों ने बिना उम्र जाने और पहचान पत्र के बिना तेजाब बेच दिया.
इसका वीडियो दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया है.
साथ में उन्होंने लिखा-
न बेचेंगे, न खरीदेंगे- छपाक का एक सोशल एक्सपेरिमेंट. तेजाब, जो खत्म कर देता है कई जिंदगियों को, कुचल देता है कई सपनों को, मिटा देता है कई उम्मीदों को और दागदार कर देता है भविष्य.
वीडियो में दीपिका बता रही हैं कि स्टिंग कर रही टीम ने एक दिन में 24 तेजाब की बोतलें आसानी से खरीद लीं.
फरवरी, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी करके एसिड अटैक विक्टिम को लेकर उनके राज्य के हालात की जानकारी मांगी थी. अगस्त, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने बताया था कि अबतक सिर्फ 13 राज्यों ने ही अपने जवाब दिए हैं. कोर्ट ने नोटिस में एसिड की बिक्री और पीड़ितों के मुआवजे को लेकर जानकारी मांगी थी. जवाब का इंतजार है. कोर्ट को और तेजाब हमले को झेल चुकी कई जिंदगियों को भी.
इस वीडियो को देखकर लग रहा है कि पीआईएल गाने के बाद भी कुछ ज्यादा बदला नहीं हैं. तेजाब बिक रहा है. खुलेआम. बेखौफ. और नर्क बन रही हैं कई जिंदगियां.
Video : रिलीज के पहले दिन ही छपाक मूवी के लिए अच्छी खबर आई है






















