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क्या दादरी हत्याकांड के आरोपियों को NTPC में नौकरी देने की बात सच है? ये पढ़िए

खबर चल रही थी कि 15 आरोपियों को बीजेपी विधायक के कहने पर नौकरी मिल गई है.

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अखलाक के हत्यारों को नौकरी देने की बात से एनटीपीसी ने इनकार किया है.
यूपी के दादरी में हुआ अखलाक हत्याकांड सबको याद होगा. कई लोगों को लिंचिंग जैसे शब्द के बारे में भी इसी कांड के बाद पता चला था. इसी से जुड़ी एक खबर हाल ही में सामने आई कि अखलाक की हत्या के 15 आरोपियों को नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) नौकरी दे रहा है. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि नौकरी दिलाने के लिए दादरी के बीजेपी विधायक तेजपाल सिंह ने एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ बैठक की. मगर अब एनटीपीसी ने इस खबर को गलत बताया है. ये खबर खूब वायरल हुई थी, देखिए-


न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एनटीपीसी के प्रवक्ता ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि बिसाहड़ा गांव के अखलाक के मामले में आरोपियों को नौकरी देने की रिपोर्ट झूठी और आधारहीन है. मामले के अभियुक्तों को नौकरी देने के लिए कोई समझौता नहीं किया गया है और न ही उन्हें अब तक कोई रोज़गार दिया गया है. NTPC ने यह ज़रूर माना है कि अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी नीति (CSR) के तहत उसने अपने प्लांट्स के आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार देने की बात कही थी.
एनटीपीसी के प्लांट के सामने नीरज ने खुद को आग लगाई थी.
एनटीपीसी के प्लांट के सामने नीरज ने खुद को आग लगाई थी.

आत्मदाह करने वाले युवक का छोटा भाई था एक आरोपी
ग्रेटर नोएडा के एनटीपीसी प्लांट में बिसाहड़ा का नीरज कॉन्ट्रैक्ट पर मजदूरी करता था. उसे दो अक्टूबर को अचानक निकाल दिया गया था. परेशान नीरज ने सात अक्टूबर को एनटीपीसी के गेट के सामने खुद को आग लगा ली थी. वो 80% जल गया था और अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. इस पर बड़ा बवाल हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले में समझौता हुआ तो कंपनी ने आश्वासन दिया कि वह मृतक नीरज के परिवार की मदद करेगा. उसकी पत्नी को नौकरी देने की बात इस दौरान हुई थी. इसी मामले को फिर घुमाते-फिराते इस तरह पेश किया गया कि नौकरी नीरज के भाई को मिलेगी जोकि हत्या का आरोपी है.
समझौते में एनटीपीसी के कॉन्ट्रैक्टर ने स्थानीय बेरोजगार युवकों को, जिसमें बिसाहड़ा गांव के लोग भी शामिल हैं, कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी में तरज़ीह देने की बात कही थी. एनटीपीसी के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (PRO) ने भी इस बात को साफ किया है कि उन्होंने उन इलाके के लोगों को नौकरी देने की बात कही थी, जो उनके प्रॉजेक्ट्स से प्रभावित हैं. बिसाहड़ा भी ऐसा ही एक इलाका है. उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया. वहीं, दादरी के विधायक तेजपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने किसी को भी नौकरी दिलाने का आश्वासन नहीं दिया है.
दादरी में अखलाक की हत्या के बाद से तमाम संगठनों का आंदोलन जारी है.
दादरी में अखलाक की हत्या के बाद से तमाम संगठनों का आंदोलन जारी है.

क्या था दादरी का मामला
सितंबर 2015 में दादरी के बिसाहड़ा गांव में गोहत्या की सूचना पर मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और उसके बेटे दानिश को पीटकर अधमरा कर दिया गया था. घटना के बाद कुल 19 लोगों पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी. एक आरोपी को पुलिस जांच में क्लीन चिट मिली थी. बाकी लोग जमानत पर बाहर हैं.


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