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डाबर ग्रुप के मोहित और गौरव बर्मन ने महादेव सट्टेबाजी केस में नाम आने पर क्या कहा?

बर्मन परिवार ने अंदेशा जताया कि हो सकता है ये FIR उसके रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड के अधिग्रहण को रोकने के लिए की गई.

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मुंबई पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इसमें मोहित बर्मन और गौरव बर्मन के नाम भी शामिल हैं. (फोटो- ट्विटर)

डाबर ग्रुप के चेयरमैन और डायरेक्टर मोहित बर्मन और गौरव बर्मन ने महादेव ऑनलाइन ऐप सट्टेबाजी मामले की FIR में अपना नाम होने को लेकर बयान जारी किया है. उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को 'झूठा और आधारहीन' करार दिया है. उन्होंने कहा कि एफआईआर में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, वे ना तो उन्हें जानते हैं और ना उनसे कभी मिले हैं.

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FIR में नाम आने पर डाबर निदेशकों की सफाई

महादेव ऑनलाइन ऐप सट्टेबाजी केस में कार्रवाई जारी है. अब इस केस में मुंबई पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर बिजनेसमैन मोहित बर्मन और गौरव बर्मन पर FIR दर्ज की है. दोनों ही चर्चित डाबर ग्रुप के चेयरमैन और डायरेक्टर हैं (Dabur group Mahadev betting case). मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये कार्रवाई एक हफ्ते पहले की गई थी.

इकोनॉमिक्स टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इसमें मोहित बर्मन और गौरव बर्मन के नाम भी शामिल हैं. मोहित FIR में 16वें नंबर पर लिस्टेड हैं. वहीं गौरव का नाम लिस्ट में 18वें नंबर पर है. रिपोर्ट के मुताबिक सोशल एक्टिविस्ट प्रकाश की शिकायत पर 7 नवंबर को ये FIR दर्ज की गई.

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FIR में कहा गया है कि मोहित बर्मन और गौरव बर्मन, रोहित कुमार मुर्गोई और दिनेश खंबाट नाम के शख्स के साथ जुड़े हुए हैं. आरोप है कि मोहित और रोहित की क्रिकेट लीग की एक टीम में हिस्सेदारी भी है. प्लेयर्स बुक वेबसाइट पोर्टल में संचालन के लिए उन्होंने कथित तौर पर अन्य आरोपियों के साथ साझेदारी की है.

हालांकि, बर्मन परिवार ने इन आरोपों से इनकार किया है. परिवार का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिली है. बयान में परिवार की तरफ से कहा गया,

“शिकायत स्पष्ट रूप से झूठी और आधारहीन है. मीडिया में FIR की एक कॉपी सर्कुलेट की जा रही है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि मोहित बर्मन और गौरव बर्मन सीधे तौर पर कुछ आरोपियों से जुड़े हुए हैं. लेकिन वो दोनों ऐसे किसी व्यक्ति को न तो जानते हैं, न ही कभी मिले हैं, जिन पर FIR में आरोप दर्ज है.”

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बर्मन परिवार ने अपने बयान में कहा कि FIR परिवार द्वारा रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड के अधिग्रहण को रोकने के लिए की गई है. ये भी कहा गया कि दिलचस्प बात ये है कि FIR ऐसे समय में आई है जब बर्मन परिवार ने रेलिगेयर इंटरप्राइजेज में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी 21.24 फीसदी से आगे बढ़ाने की मांग की है. साथ ही SEBI टेकओवर कोड के तहत इसके लिए ऑफर भी दे दिया है.

(ये भी पढ़ें: ‘महादेव’ नाम से सट्टेबाजी, विदेश में शादी कर फूंके 2 अरब, छत्तीसगढ़ के लड़कों की कहानी दंग कर देगी)

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